दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत ढहने से 6 छात

सत्य निकेतन इमारत हादसा: 6 छात्रों की मौत, फरार मालिक के खिलाफ LOC जारी; दिल्ली सरकार का सख्त एक्शन

Rescue operations underway at the Satya Niketan building collapse site (File Photo)

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पीजी (PG) इमारत ढहने से एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। इस घटना में अब तक 6 छात्रों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 11 छात्रों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है। हादसे के बाद से इमारत का मालिक फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आरोपी मकान मालिक हरिराम को पकड़ने के लिए 'लुक आउट सर्कुलर' (LOC) जारी कर दिया है।

पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई

छापेमारी: आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। सरकारी आदेश: मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने शहर भर में अवैध रूप से बनी पांच मंजिला इमारतों को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश जारी किया है। यह कदम शहर में इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।

एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन मलबा हटाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि नीचे कोई और व्यक्ति न फंसा हो। इसके अतिरिक्त, पुलिस इमारत की पुरानी स्थिति और हादसे से पहले इसके रखरखाव को लेकर किए जा रहे दावों की भी तकनीकी जांच कर रही है।

हादसे की वजह और जनप्रतिनिधि का बयान

आरके पुरम से भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि हादसे के समय पीजी में मौजूद लोगों की सटीक संख्या का अंदाजा लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, "अधिकतम अनुमान के मुताबिक वहां 13 बच्चे और 3-4 मजदूर थे, यानी कुल मिलाकर लगभग 16 या 17 लोग। इनमें से 12 लोगों को बाहर निकाला गया। दुखद बात यह है कि 6 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। ईश्वर की कृपा से 6 लोग सुरक्षित हैं और वर्तमान में अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। हमें उम्मीद है कि पूरा बचाव कार्य आज दोपहर या अधिकतम शाम तक पूरा हो जाएगा।"

विधायक शर्मा ने बताया कि 40 साल पुरानी इस इमारत के बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर पर सीलन के कारण मरम्मत या कुछ बदलाव का काम चल रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया, "ऐसा प्रतीत होता है कि इन बदलावों के दौरान एक या दो 'लोड-बियरिंग' (भार वहन करने वाली) दीवारों के साथ छेड़छाड़ की गई या उन्हें हटा दिया गया, जिससे पूरी इमारत ढह गई। यह बिल्डर या संपत्ति के मालिक की लापरवाही के कारण हुई एक बहुत बड़ी त्रासदी है। यदि ऐसा कोई काम किया जाना था, तो इस तरह की घटना को रोकने के लिए एक इंजीनियर की मदद ली जानी चाहिए थी।" उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और गिरफ्तारी या तो हो चुकी है या जल्द ही होगी।

चश्मदीद का आंखों देखा हाल

सत्य निकेतन इलाके में ही रहने वाले आर्यभट्ट कॉलेज के छात्र और चश्मदीद सुरजीत ने बताया कि इमारत गिरने की यह घटना दोपहर करीब 1:15 से 1:30 बजे के बीच हुई। सूचना मिलते ही वह तुरंत घटनास्थल की ओर भागे। सुरजीत ने कहा, "उस समय तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई थी, हालांकि यह साफ होने लगा था कि कौन फंसा है और कौन नहीं। हम उन लोगों को मलबे से बाहर निकालने में सफल रहे, जहां तक हमारी पहुंच संभव थी।" सोमवार सुबह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बचाव कार्यों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने के लिए घटनास्थल का दोबारा दौरा किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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