'जो बोला, वो किया': जेवर से पहली कमर्शियल फ्लाइट उड़ने पर बोले सीएम योगी
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि आज का दिन जेवर, जनपद गौतमबुद्धनगर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित सम्पूर्ण प्रदेश के साथ-साथ देश के एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक है। आज भारत के सबसे अधिक सम्भावनाओं वाले नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी कॉमर्शियल फ्लाइट प्रारम्भ की है। इस अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और अन्नदाता किसानों का योगदान है। डबल इंजन सरकार जो बोलती है, वह करती है। जितना बोलती है, उतना करके रहती है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का यह अभियान निरन्तर आगे बढ़ता रहेगा।
लखनऊ की पहली उड़ान के साक्षी बने जेवर के अन्नदाता किसान
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर नोएडा अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, जेवर के निर्माण हेतु भूमि समर्पित करने वाले अन्नदाता किसानों से संवाद के दौरान अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान नोएडा अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की अपनी ही जमीन से उड़ने वाली पहली फ्लाइट की लखनऊ तक की यात्रा के भागीदार बने हैं। इसमें 28 महिला किसान सहित 170 किसान सम्मिलित हैं। वह इस शानदार यात्रा को अपनी स्मृतियों में संजोएं रखेंगे। नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट की पहली कॉमर्शियल फ्लाइट से अन्नदाता किसानों का आगमन हम सभी को अत्यन्त प्रफुल्लित कर रहा है।
किसानों के सहयोग और विश्वास से साकार हुआ एयरपोर्ट सपना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कैबिनेट ने जेवर में अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए प्रस्ताव पारित किया, तो सम्बन्धित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही को 100 दिन में प्रारम्भ करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने स्वयं जेवर के अन्नदाता किसानों के साथ गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में बैठक की। प्रारम्भ में अन्नदाता किसान असमंजस की स्थिति में थे, लेकिन किसानों के साथ संवाद करने के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। उन्होंने स्वयं किसानों को विकास के मॉडल के बारे में बताया।
प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वक्त सभी का आता है। कुछ बनते हैं, तो कुछ बिखर जाते हैं। जो व्यक्ति अवसर का सही लाभ उठाता है, उसी का इतिहास बनता है। जो अवसर को गंवा देता है, उसको पुनः अवसर नहीं मिलता। उस समय अन्नदाता किसानों ने सरकार पर विश्वास किया। स्थानीय विधायक धीरेन्द्र सिंह ने इसमें पूरा सहयोग किया। यमुना एक्सप्रेस-वे इण्डस्ट्रियल डेवलपमेन्ट अथॉरिटी (यीडा) और नागरिक उड्डयन विभाग ने कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया। इसके परिणामस्वरूप 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि पर एयरपोर्ट के 04 फेज में से प्रथम फेज की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है।
कार्गो हब से वैश्विक बाजारों तक पहुंचेंगे स्थानीय उत्पाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया का प्रत्येक बड़ा व्यक्ति जेवर आना चाहता है। जेवर स्थित नोएडा अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का पहला कार्गो व एमआरओ का केन्द्र बनने जा रहा है। अन्नदाता किसान द्वारा उत्पादित अनाज, फल, सब्जी, मत्स्य आदि उत्पादों को कार्गो से दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। स्थानीय उत्पादों को दुनिया के बाजारों में कई गुना अधिक कीमत मिलेगी। आम की स्थानीय कीमत भले ही कम हो, लेकिन जब यह दुनिया के बाजारों में पहुंचता है, तो इसकी कीमत 800 से 1,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है। इससे किसानों को कई गुना लाभ प्राप्त होगा। इसी प्रकार यहां अन्य उत्पादों की फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगेगी। यहां सेमी कण्डक्टर यूनिट लग रही है। डाटा सेन्टर स्थापित किये जा रहे हैं। यहां फिल्म सिटी, टॉय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल पार्क, आई0टी0 एण्ड इलेक्ट्रॉनिक्स की वर्ल्ड क्लास सिटी बनायी जा रही है।
भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट और पहला एमआरओ (MRO) सेंटर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। वहां कार्गो तथा एयरक्राफ्ट मेण्टेनेंस, रिपेयर एण्ड ओवरहॉलिंग (एमआरओ) की फैसिलिटी उपलब्ध करायी जाएगी। अब तक भारत में एमआरओ की कोई सुविधा नहीं है। इसके लिए सिंगापुर और दुबई जाना पड़ता है। इस कार्य के लिए दुनिया भर के लोग अब इसी क्षेत्र के एयरपोर्ट पर आएंगे। इसके लिए युवाओं को ट्रेण्ड करना है, ताकि वह इंजीनियर के रूप में काम कर सके। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी मिलेगी।
टाटा समूह के साथ 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के इस क्षेत्र में आने वाले निवेशों के लिए ट्रेण्ड मैन पावर की आवश्यकता होगी। इसके लिए यमुना अथॉरिटी ने टाटा समूह के साथ लगभग सवा दो सौ करोड़ रुपये की लागत से एक सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। इस सेण्टर मंे आज की आधुनिक तकनीक के आधार पर ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, युवाओं के लिए सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री कोर्सेज उपलब्ध रहंेगे। इनके माध्यम से युवाओं का कौशल विकास होगा। यह कोर्सेज नौकरी प्राप्त करने का आधार भी बनेंगे। हमारा प्रयास है कि इस सत्र में डिग्री कॉलेज को प्रारम्भ कर दें, जिससे वहां के बच्चों को उच्च शिक्षा मिले।
किसानों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
संवाद के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपके प्रयास से जेवर क्षेत्र में एक अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना है, यह वास्तव में अद्वितीय है। हमारी जमीन पर बने इस एयरपोर्ट के यात्री विभिन्न क्षेत्रों का विकास करेंगे। इतना बड़ा प्रोजेक्ट बिना किसी प्रोटेस्ट के साकार हुआ है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जेवर क्षेत्र का विकास हुआ और बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हुई। विकास कार्याें का लाभ समाज के विभिन्न वर्गाें तक पहुंचा है।
यह भी पढ़ें: यूपी के गांवों में बनेंगे पंचगव्य क्लस्टर, 3 लाख युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार