गाजियाबाद में सरकारी जमीन पर बनी दो मंजिला अवैध मजार जमींदोज, प्रशासन ने ट्रोनिका सिटी में चलाया बुलडोजर
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रशासन ने अवैध निर्माण और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा विध्वंस अभियान चलाया है। रविवार को गाजियाबाद जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) की टीम ने लोनी स्थित ट्रोनिका सिटी में कथित तौर पर अवैध रूप से निर्मित एक दो मंजिला मजार जैसी संरचना को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के मुताबिक, यह निर्माण सरकारी भूमि पर कब्जा करके किया गया था।
कोविड काल में गुपचुप तरीके से हुआ था विस्तार
गाजियाबाद के एडीएम विपिन कुमार कश्यप ने बताया कि यह कार्रवाई ट्रोनिका सिटी के पॉकेट सी-8 में की गई है, जहां लगभग 225 वर्ग मीटर भूमि पर अनाधिकृत निर्माण किया गया था। एडीएम कश्यप ने मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा, ''शुरुआत में, साल 2001 में यहां एक छोटा मजार जैसा ढांचा और एक ऊंचा चबूतरा बनाया गया था। हालांकि, साल 2021 के आसपास कोविड काल के दौरान इसका गुपचुप तरीके से विस्तार किया गया और इसे दो मंजिला अवैध, गुंबदनुमा ढांचे में बदल दिया गया।''
नोटिस का नहीं दिया गया कोई जवाब
अधिकारियों के अनुसार, इस अवैध निर्माण को लेकर भूमि माफिया विरोधी टास्क फोर्स और यूपीएसआईडीए दोनों की ओर से संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन, निर्माण की वैधता साबित करने के लिए उनकी तरफ से कोई जवाब या दस्तावेज पेश नहीं किया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद इस ढांचे को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया गया और रविवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इसे जमींदोज करने की कार्यवाही शुरू की गई।
करीब 70 लाख रुपये आंकी गई है जमीन की कीमत
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, मुक्त कराई गई इस सरकारी जमीन की कीमत काफी अधिक है। एडीएम विपिन कुमार कश्यप ने बताया कि यूपीएसआईडीए द्वारा इस अतिक्रमित संपत्ति और लगभग 225 वर्ग मीटर के अवैध क्षेत्र का बाजार मूल्य 65 लाख रुपये से लेकर 70 लाख रुपये के बीच आंका गया है। फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।