औरंगाबाद के लांगुराही जंगल में पुलिस और सीआरपीएफ क

औरंगाबाद में सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल से देसी हथियार और 5 जिंदा कारतूस बरामद

Desi Weapon, 5 Live Cartridges Recovered in Aurangabad Search Op

औरंगाबाद (बिहार)। मदनपुर प्रखंड क्षेत्र के आजन पुलिस एवं सीआरपीएफ सी-47वीं वाहिनी लांगुराही कैंप के संयुक्त सर्च ऑपरेशन आज़न थाना अंतर्गत लांगुराही जंगल में चलाया गया। इस दौरान पहाड़ से एक देसी निर्मित हथियार (कट्टा) एवं पांच जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के जवानों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से हथियार और कारतूस को जंगल में छिपाकर रखा था। समय रहते बरामदगी होने से नक्सलियों की साजिश नाकाम हो गई। 

कंचनपुर में भी बरामद हुए थे हथियार, लांगुराही में फिर मिली बड़ी सफलता

जानकारी के अनुसार, पिछले 11 अगस्त को भी कंचनपुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव के बगल बगीचा से देसी कार्बाइन और मैगजीन बरामद हुए थे। इसके बाद बुधवार की देर शाम आज़न पुलिस और सीआरपीएफ को बड़ी सफलता मिली है। हालांकि, इस बीच किसी व्यक्ति के गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। बरामद हथियार को जब्त कर पुलिस आगे की जांच में जुट गई है। सुरक्षा बल अब बरामद देसी निर्मित थ्रेनेट राइफल और कारतूस के स्रोत और इसे जंगल में छिपाकर रखने वाले लोगों की पहचान करने में जुटे हैं। 

एसपी के नेतृत्व में कार्रवाई, नक्सल प्रभावित इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा

बताया गया है कि यह संयुक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा के नेतृत्व में अंजाम दी गई। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से नक्सल प्रभावित पहाड़ी और जंगली इलाके में सक्रिय संदिग्ध तत्वों के बीच हड़कंप मच गया है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जवानों की सक्रियता बढ़ाई गई है। फिलहाल बरामद देसी निर्मित थ्रेनेट राइफल और कारतूस को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। 

लांगुराही जंगल में लगातार जारी है सर्च अभियान, हथियार के स्रोत का पता लगाने में जुटी पुलिस

अजान थानाध्यक्ष राहुल कुमार के अनुसार, थाना क्षेत्र अंतर्गत लांगुराही के जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तलाशी के दौरान पहाड़ से देसी निर्मित थ्रेनेट राइफल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। सुरक्षा बलों ने बरामद हथियार और कारतूस को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस हथियार की जांच के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इसे जंगल में किसने और किस उद्देश्य से छिपाकर रखा था। जंगल में नक्सली गतिविधियों को देखते हुए क्षेत्र में सर्च अभियान जारी रखा गया है। 

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