सरकारी स्कूलों में QR कोड से डिजिटल पढ़ाई शुरू, स्कैन करते ही बच्चों के सामने खुलेगा चैप्टर
कटनी। जिले ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और तकनीक आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देने के मामले में पूरे प्रदेश में एक अनूठी मिसाल पेश की है। कटनी जिला, सरकारी स्कूलों में क्यूआर (QR) कोड के माध्यम से डिजिटल पढ़ाई शुरू करने वाला मध्य प्रदेश का पहला जिला बन गया है।
कक्षा 6वीं से 8वीं तक के लिए विशेष व्यवस्था
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट, कटनी) द्वारा कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए इस क्यूआर कोड आधारित डिजिटल अध्ययन व्यवस्था को विकसित किया गया है। इसके अंतर्गत हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के प्रत्येक चैप्टर (पाठ) के लिए यूट्यूब लिंक को एकत्रित करके उनके विशिष्ट क्यूआर कोड तैयार किए गए हैं।
कैसे काम करेगी यह तकनीक?
छात्र या शिक्षक जैसे ही अपने मोबाइल या स्मार्ट बोर्ड से इस क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, उनके सामने सीधे उस विशेष पाठ (चैप्टर) का पूरा सिलेबस और शैक्षणिक वीडियो खुल जाएगा।
इससे शिक्षकों की कमी होगी दूर
इस नवाचार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां भी स्मार्ट बोर्ड या मोबाइल के माध्यम से कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित की जा सकेंगी। यदि अभिभावकों को भी इसे स्कैन करना सिखा दिया जाए, तो बच्चे घर पर रहकर भी मोबाइल का सकारात्मक और पढ़ाई के लिए सही उपयोग कर सकेंगे।
अधिकारी दे रहे हैं सहयोग
इस अभिनव पहल को सफल बनाने में डाइट कटनी के प्राचार्यों, व्याख्याताओं के साथ-साथ जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक का विशेष योगदान रहा है। विभाग का प्रयास है कि इन क्यूआर कोड्स को ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों तक पहुंचाया जाए ताकि मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी डिजिटल शिक्षा का भरपूर लाभ उठा सकें।
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