डिंडोरी के करनपुरा प्राथमिक स्कूल में जर्जर भवन और

डिंडोरी: जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे, बारिश में टपकती छत और एक कमरे में चल रहीं 5 कक्षाएं

Dindori: Students Forced to Study in Dilapidated School Building Amid Leaking Roof

डिंडोरी (मध्यप्रदेश)। के डिंडोरी जिले में ऐसे अनेकों शासकीय स्कूल हैं जो अपनी लंबे समय से चली आ रही बदहाल स्थिति पर रो रहे हैं।आलम ऐसा है कि कभी भी किसी समय बड़े हादसे से इंकार नही किया जा सकता। कुछ स्कूल भवन ऐसे भी है जिनके क्षतिग्रस्त होने के बाबजूद उन्ही में कक्षाएं संचालित हो रहे हैं जो स्वतः ही दुर्घटनाओं को आमंत्रण देने जैसा है।

खस्ता हाल स्कूल भवन में बच्चें की शिक्षा

स्कूलों के संबंधित जिम्मेदार अनेकों बार शिक्षा विभाग सहित जिले की वरिष्ठ अधिकारियों को वस्तु स्थिति से अवगत करा चुके हैं, लेकिन शायद क्षतिग्रस्त हो चुके स्कूलों के मरम्मत कार्य समय पर हो सके इसकी जिम्मेदारी कोई नहीं लेना चाहता। परिणाम स्वरूप क्षतिग्रस्त टपकती स्कूलों में आज भी जान जोखिम में दाल शिक्षक बच्चों को पढ़ने मजबूर हैं। वही खस्ता हाल हो चुके स्कूल भवन में बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 

स्कूल के नवीनीकरण लिए 168000 की राशि स्वीकृत

मामला अमरपुर विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला करनपुरा में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक के द्वारा बतलाया गया कि लंबे समय से स्कूल भवन बारिश के चलते टपक रहा है। पानी स्कूल के अंदर घुस रहा है। बच्चों को अध्ययन करने में परेशानियां उठानी पड़ती है। एक ही कमरे में पहली से पांचवी की कक्षाएं संचालित हो रही है।शिक्षक ने बताया, कि उन्होंने स्कूल मरम्मत प्रस्ताव मैं स्लैप, फ्लोर,विंडो,डोर मरम्मत कार्य के लिए लिखा है। जिसके लिए 168000 की राशि स्वीकृत की गई है।

2025 26 में कुल 168000 स्कूल मरम्मत के लिए स्वीकृत नहीं हुए

लेकिन तत्कालीन बीआरसी सुवेश किशोर के द्वारा बताया गया कि यह राशि प्राथमिक शाला करनपुरा की नही है, अन्य स्कूल की है। वही इस मामले पर डिंडोरी डीपीसी गोलियां के द्वारा बताया गया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी विभाग अधिकारियों से ली है। जिसमें वर्तमान वर्ष 2026 -27 का स्कूल मरम्मत कार्य हेतु प्रस्ताव भेजा है। 168000 स्कूल मरम्मत के नाम पर सन 2025 26 में स्वीकृत नहीं हुए हैं। इसलिए मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। वहीं अगर बच्चों को बैठने में परेशानी आ रही है, तो अन्य विकल्प व्यवस्थाओं पर कार्य करते हुए स्कूल संचालन कराया जाएगा।

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