शाजापुर में गढ़िया लोहार मारवाड़ा समाज के वयोवृद्ध

शाजापुर में अनोखी अंतिम विदाई, बुजुर्ग पिता की शवयात्रा में बजा डीजे और हुई आतिशबाजी

शाजापुर में देखने मिली अनोखी अंतिम विदाई

शाजापुर: जिले के सलसलाई में शनिवार को एक अनूठी और भावुक कर देने वाली अंतिम यात्रा देखने को मिली। गढ़िया लोहार मारवाड़ा समाज के वयोवृद्ध नाथूलाल लोहार का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। पिता की अंतिम विदाई को शोक के बजाय एक उत्सव के रूप में मनाते हुए उनके पुत्र मेहरबान सिंह एवं परिजनों ने अनूठे अंदाज में उनकी अंतिम यात्रा निकाली। इस अंतिम यात्रा में परंपरा से हटकर डीजे की धुन पर देशभक्ति और धार्मिक गीत बजाए गए, आतिशबाजी की गई और सजी-धजी घोड़ियों का डांस करवाया गया। 

क्षेत्र में चर्चा का विषय बना अंतिम विदाई का यह तरीका

आमतौर पर गमगीन रहने वाले माहौल के विपरीत परिजनों ने नाचते-गाते और खुशियां मनाते हुए अपने बुजुर्ग को अंतिम विदाई दी। पिता को ससम्मान और खुशियों के साथ विदा करने का यह तरीका क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। नाथूलाल लोहार की यह अनोखी अंतिम यात्रा उनके निज निवास से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इस अप्रत्याशित दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण छतों पर, गलियों में और ट्रैक्टरों पर चढ़कर खड़े हो गए। नगरवासियों के लिए इस तरह का माहौल कौतूहल और आश्चर्य से भरा रहा।

अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग

परिजनों का मानना है कि उनके पिता ने एक लंबा और सार्थक जीवन जिया है। ऐसे में उनकी विदाई को रोने-धोने के बजाय यादगार और उत्सव की तरह मनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अनोखे अंदाज में निकाली गई यात्रा को देखने और समाज के बुजुर्ग को विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार इस अंतिम यात्रा में शामिल हुए। 

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