बलिया की 19 वर्षीय दिव्यांग ज्योति की पढ़ाई विद्या

दिव्यांग ज्योति की मदद के लिए आगे आए डीएम, बैटरी साइकिल देकर जगाई नई उम्मीद

ज्योति के सपनों को मिला प्रशासन का सहारा

बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया में फिर एक दिव्यांग ने सिस्टम से गुहार लगाई है। मनियर की रहने वाली 7 साल की रागिनी के बाद सिकंदरपुर की रहने वाली ज्योति की उम्मीद भी जाग उठी और सिस्टम से गुहार लगाई। सूचना मिलते ही डीएम साहब सीधे ज्योति के घर पहुंच गए।

शिक्षक बनने के सपने को मिली नई उम्मीद

बलिया तहसील सिकंदरपुर क्षेत्र के ग्राम महुलानपार की 19 वर्षीय दिव्यांग युवती कुमारी ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को अब नई उम्मीद मिली है। दोनों पैरों से दिव्यांग ज्योति की पढ़ाई आठवीं कक्षा के बाद विद्यालय आने-जाने की सुविधा के अभाव में छूट गई थी। हाल ही में उसकी परेशानी सामने आने के बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और रविवार को स्वयं उसके गांव पहुंचकर ज्योति से मुलाकात की।

बैटरी वाली साइकिल और हेलमेट एवं अन्य सामग्री प्रदान दी गई

जिलाधिकारी ने ज्योति और उसके माता-पिता गुलाब चंद्र प्रसाद और देवन्ती देवी से मुलाकात कर उसकी दिव्यांगता, पढ़ाई और पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी ली। बातचीत के दौरान ज्योति ने बताया कि अगर उसे स्कूल आने-जाने के लिए साधन मिल जाए तो वह दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहती है। उसका सपना पढ़-लिखकर शिक्षक बनने का है। जिलाधिकारी ने ज्योति का उत्साह बढ़ाते हुए उसे चॉकलेट, स्कूल बैग, बैटरी वाली साइकिल और हेलमेट एवं अन्य सामग्री प्रदान किया।

आवास उपलब्ध कराने के दिए गए निर्देश

अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुमारी ज्योति का विद्यालय में दाखिला कराने को कहा, ताकि उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि कुमारी ज्योति के लिए शौचालय और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। 

दिव्यांगता प्रमाण पत्र मिलने से ज्योति की राह आसान

उन्होंने मौके पर ही कुमारी ज्योति को दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। जिलाधिकारी की इस पहल से ज्योति और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। अब बैटरी साइकिल मिलने के बाद विद्यालय तक पहुंचने की उसकी सबसे बड़ी समस्या दूर होने की उम्मीद है। ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को साकार करने के लिए प्रशासन की ओर से की गई पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। 

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