तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी पर सियासी घमासान, चेन्नई से थूथुकुडी तक DMK का विरोध प्रदर्शन
चेन्नई (तमिलनाडु)। तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के विरोध में मद्रास हाई कोर्ट के बाहर कई DMK कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन पर मुख्यमंत्री विजय और अभिनेत्री त्रिशा के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। तमिलनाडु के कई हिस्सों में DMK ने विरोध प्रदर्शन किए। थूथुकुडी में पुराने बस स्टैंड के पास सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने के दौरान तमिलनाडु की पूर्व मंत्री पी. गीता जीवन और पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
उदयनिधि पर कई धाराओं में केस दर्ज
तंजावुर ईस्ट पुलिस द्वारा उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद गीता जीवन ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन पर BNS की धाराओं 61, 79, 192, 196, 296(b), 351(2), 352, तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम की धारा 4 और IT अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए गीता जीवन ने कहा, "विधानसभा में DMK के सवालों और बहस का जवाब देने में असमर्थ TVK सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कड़ी निंदा के लायक है। TVK सरकार लगातार लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाती है और लोगों की आवाज को कुचलती है। DMK ऐसे दमन के आगे कभी नहीं झुकेगी।"
रानीपेट में भी DMK का विरोध, कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प
इसी तरह, पूर्व मंत्री आर गांधी के नेतृत्व में DMK कार्यकर्ताओं ने रानीपेट जिले के मुथुकडाई बस स्टैंड के पास विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी TVK सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार किया। सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए उन्होंने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।
गिरफ्तारी के बाद कई इलाकों में सड़क जाम और नारेबाजी
जब पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़ी, तो DMK कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच थोड़ी झड़प हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस उदयनिधि स्टालिन को चेन्नई से केलंबक्कम, वंडालूर और चेन्नई-चेंगलपट्टू रूट पर स्थित परानूर टोल प्लाजा होते हुए पुलिस वाहन में ले गई। उनकी गिरफ्तारी के बाद, DMK पदाधिकारियों और समर्थकों ने इस रूट पर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए और सड़कें जाम कीं, साथ ही उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।
कावेरी जल विवाद रैली के बयान पर बढ़ा विवाद
पोलाची में भी विरोध प्रदर्शन और हिरासत में लेने जैसी घटनाएं देखने को मिलीं। कल कावेरी जल विवाद पर आयोजित एक रैली में अपने भाषण के दौरान, भीड़ के कुछ हिस्सों ने "त्रिशा, त्रिशा" के नारे लगाकर उदयनिधि स्टालिन को बीच में ही रोक दिया। थोड़ी देर रुकने के बाद, उन्होंने कथित तौर पर टिप्पणी की, "पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, उसे वहां पहुंचना चाहिए," और बाद में स्पष्ट किया कि वे कावेरी के पानी की बात कर रहे थे।
उदयनिधि ने आरोपों से किया इनकार
हालांकि, पूर्व उपमुख्यमंत्री ने किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि यह विवाद संपादित और भ्रामक सामग्री के प्रसार का परिणाम है। उदयनिधि स्टालिन ने पत्रकारों से कहा, "उन्होंने 'कट, कॉपी, पेस्ट' का इस्तेमाल कर झूठी खबर फैलाई है और दावा किया है कि मैंने कुछ ऐसा कहा जो मैंने कभी नहीं कहा। मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो इन सब से डर जाए। मैं इसका कानूनी रूप से सामना करूंगा।" (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)