मौसम में बदलाव और बढ़ती ठंड के बीच डॉक्टरों ने अभि

ठंड बढ़ते ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप, अस्पतालों में बढ़े सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज

अस्पताल पहुंचे मरीज

चंदौली (उत्तर प्रदेश)। मौसम में बदलाव और ठंड बढ़ने के साथ सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। खासकर नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच चिकित्सकों ने लोगों को ठंड से बचाव और बच्चों की देखभाल करने की सलाह दी है।

ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 400 से 500 मरीज पहुंच रहे

राजकीय महिला चिकित्सालय, महोबा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके चतुर्वेदी ने बताया कि इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 400 से 500 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक है। इसके अलावा चर्म रोग से संबंधित समस्याओं के मरीज भी उपचार के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम में परिवर्तन होने पर मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचें

डॉ. चतुर्वेदी ने अभिभावकों को सलाह दी कि ठंड के मौसम में नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें। बच्चों को ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचाएं और मौसम के अनुसार गर्म कपड़े पहनाएं। सुबह और शाम के समय ठंड अधिक होने पर बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर ले जाने से परहेज करें। घर से बाहर निकलते समय बच्चों के सिर, कान और शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें।

मौसम में आया अचानक बदलाव

उन्होंने कहा कि मौसम में अचानक बदलाव के दौरान बच्चों की सेहत को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। यदि बच्चे को सर्दी-जुकाम, बुखार या अन्य परेशानी होती है, तो चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं। बच्चों को ठंड से सुरक्षित रखने, साफ-सफाई बनाए रखने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद मिल सकती है।

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