रायबरेली में डॉक्टर अमित सिंह की गिरफ्तारी के विरो

रायबरेली में डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन, निजी अस्पताल बंद करने का ऐलान

Doctors Protest in Raebareli, Private Hospitals Announce Shutdown

रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। शहर के शाश्वत नर्सिंग होम में इलाज के दौरान बच्ची की हालत बिगड़ने और लखनऊ में उसकी मौत के बाद उपजा विवाद अब गरमा गया है। पुलिस द्वारा आरोपी डॉक्टर अमित सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने से आक्रोशित डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के नेतृत्व में डॉक्टरों ने बुधवार शाम शहर के डिग्री कॉलेज चौराहे पर स्थित शहीद चौक पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। डॉक्टरों की इस हड़ताल से जहां जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं, वहीं प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया।

बिना जांच एकतरफा कार्रवाई का आरोप

​परिजनों की तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉक्टर अमित सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। आईएमए का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी मेडिकल बोर्ड की जांच के एकतरफा कार्रवाई की है। आईएमए के डॉक्टरों ने कहा कि मरीजों की जान बचाने वाले डॉक्टरों को अगर बिना जांच के इस तरह जेल भेजा जाएगा, तो ऐसी स्थिति में भयमुक्त होकर इलाज कर पाना संभव नहीं है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

अधिकारियों की मिन्नतें नाकाम, धरने पर अड़े डॉक्टर

​अचानक डॉक्टरों के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही सीओ मजिस्ट्रेट रामअवतार और सीओ सिटी आशीष निगम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों और जेल भेजे गए डॉक्टर अमित सिंह के परिजनों को समझाने का भरसक प्रयास किया। हालांकि, डॉक्टर अपनी मांग पर अड़े रहे और देर रात तक शहीद चौक पर डटे रहे।

आज बंद रहेंगे सभी निजी अस्पताल और क्लीनिक

​आईएमए के अध्यक्ष डॉ. संजीव जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को तेज करने का एलान किया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को जिले के सभी डॉक्टर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। जिले के सभी प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक क्लीनिक पूरी तरह से बंद रहेंगे।

निष्पक्ष जांच की मांग, मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी

​एसोसिएशन का कहना है कि पहले मामले की जांच हो, उसके बाद न्यायालय जो भी फैसला सुनाएगा, वह मान्य होगा। अचानक निजी अस्पतालों की हड़ताल की घोषणा से जिले में स्वास्थ्य संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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