बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन विभाग की डॉग स्क्वाड

बांधवगढ़ में वन विभाग के डॉग स्क्वाड का प्रशिक्षण शुरू, वन्यजीव अपराधों पर लगेगी लगाम

Dog Squad Refresher Course Begins at Bandhavgarh to Strengthen Wildlife Crime Investigation

उमरिया,(मध्य प्रदेश)। वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और खोजी श्वानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला स्थित वन विद्यालय में मध्यप्रदेश वन विभाग की डॉग स्क्वाड इकाइयों के लिए सातवें रिफ्रेशर कोर्स का शुभारंभ किया गया। सात दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न वन क्षेत्रों से आई डॉग स्क्वाड टीमें भाग ले रही हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य डॉग हैंडलर्स और खोजी श्वानों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित कर वन अपराधों की जांच को अधिक प्रभावी बनाना है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के निर्देशन में हुआ। इस अवसर पर उप संचालक योहान कटारा, स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स जबलपुर संभाग प्रभारी राजा खरे, मास्टर ट्रेनर्स कैलाश चरार, पूर्व बीएसएफ अधिकारी जसवंत बर्मन तथा पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय भोपाल के एएसआई शोभाराम पंडरे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मानपुर रेंज के वन परिक्षेत्र अधिकारी अंकित सोनी ने किया।

प्रशिक्षण के दौरान खोजी कुत्तों और उनके हैंडलर्स को ट्रेनिंग

प्रशिक्षण के पहले चरण में रीवा, शहडोल, भोपाल, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, माधव राष्ट्रीय उद्यान और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की छह डॉग स्क्वाड टीमें शामिल हुई हैं। प्रशिक्षण के दौरान खोजी कुत्तों और उनके हैंडलर्स को ट्रैकिंग, सेंट डिस्क्रिमिनेशन, ह्यूमन बॉडी सर्च, क्राइम सीन प्रबंधन, परेड, शारीरिक प्रशिक्षण और आज्ञापालन जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा।

अपराध स्थल प्रबंधन पर विशेष मार्गदर्शन

प्रशिक्षण में विशेषज्ञों द्वारा वन्यजीव अपराधों की जांच, शिकारियों की तलाश, साक्ष्य संरक्षण और अपराध स्थल प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही फील्ड अभ्यास, मॉक ड्रिल, वार्षिक समीक्षा और डॉग स्क्वाड के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मेडिकल चेकअप शिविर भी आयोजित होगा। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड वन्यजीव अपराधों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार के रिफ्रेशर कोर्स से उनकी कार्यकुशलता और समन्वय बेहतर होता है।

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