West bengal : राज्य के विभिन्न जगहों में दो दिवसीय

पश्चिम बंगाल में बीएलओ का प्रशिक्षण... चुनाव आयोग से की मांग

पश्चिम बंगाल में बीएलओ का प्रशिक्षण... चुनाव आयोग से की मांग

West bengal : राज्य के विभिन्न जगहों में दो दिवसीय प्रशिक्षण के आखिरी में शनिवार को बीएलओ की ओर से चुनाव अधिकारियों को मांग पत्र सौंप कर अनुरोध किया गया कि उनसे कोई एक कार्य कराया जाए। वे या तो एसआईआर का कार्य करें या स्कूलों में पढ़ाने का कार्य। दोनों कार्य एकसाथ कराने से उन्हें समस्या होगी। चुनाव अधिकारियों ने उन्हें यह भरोसा दिया है कि वे राज्य के शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस बारे में बात कर उनकी समस्या का समाधान करेंगे। 

बीएलओ का कहना है कि उन्हें चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर का कार्य करने के लिए लिखित आदेश दे दिया गया है। उनकी एसआईआर का कार्य करने की बाध्यता है। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग से उन्हें कोई भी आदेश नहीं मिला है। उन्हें स्कूल जाकर पढ़ाने का कार्य करना है। उनकी समस्या है कि वे स्कूल में पढ़ाएं या एसआईआर का कार्य करें। उन्हें 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक एसआईआर का कार्य करना है।

एसआईआर का कार्य नही करने की स्थिति में चुनाव आयोग की ओर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। दूसरी तरफ वे स्कूल नहीं जाते हैं तो शिक्षा विभाग की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनकी दुविधा की स्थिति है। चुनाव आयोग की ओर से शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बात कर उनकी समस्या का समाधान करने के दिए गए भरोसा पर उन्हें भरोसा नहीं है। दो दिन के भीतर शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिलने पर उनकी विकट स्थिति होगी।

बीएलओ ने चुनाव अधिकारियों से अपनी सुरक्षा की मांग की है। उनकी सुरक्षा की क्या व्यवस्था होगी, इस बारे में भी अभी तक अनिश्चयता है। सूत्रों के मुताबिक, किन-किन बीएलओ ने चुनाव आयोग के आदेश के मद्देनजर एसआईआर के कार्य के लिए नियुक्ति पत्र नहीं लिया है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। चुनाव आयोग ने जिलाधिकारियों को उनके बारे में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारियों की रिपोर्ट मिलने पर ही चुनाव आयोग नियुक्ति पत्र नहीं लेने वाले बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

बीएलओ को प्रशिक्षण के समय चुनाव आयोग ने उन्हें जरूरी कागजात सौंप दिए है। बीएलओ को बता दिया गया है कि उन्हें क्या-क्या करना है।

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/the-discrepancy-in-matching-voters-between-the-old-and-new-voter-lists-has-incre/96214