पीलीभीत मतदाता सूची में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग सख्त, दो एसडीएम के निलंबन के निर्देश
पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)। सदर विधानसभा की मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में चुनाव आयोग सख्त नजर आ रहा है, आयोग ने गड़बड़ी के आरोपों में दो एसडीएम को निलंबित करने के निर्देश जारी किए हैं। दोनों एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी के आरोपपत्र जांच के लिए भेजे जाएंगे। दोनों एसडीएम सदर विधानसभा क्षेत्र के ERO यानि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रहे थे, दोनों का पहले लखनऊ तबादला किया गया था बाद में शासन ने दोनों के तबादले निरस्त क़र दिए।
चुनाव आयोग की अनुमति के बिना बहाली पर रोक
चुनाव आयोग ने पूर्व अनुमति के बिना दोनों अधिकारियों को बहाल न करने के निर्देश भी जारी किए हैं।दरअसल, जांच में पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र संख्या 127 में 31 मई से 29 अगस्त के बीच मतदाता विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 के 13,779 आवेदन दर्ज मिले। इनमें 10,470 आवेदन मंजूर और 3,309 नामंजूर किए गए।
मतदाता सूची के संशोधन आवेदनों के भौतिक फॉर्म और दस्तावेज कार्यालय से गायब
जांच के दौरान इन आवेदनों के भौतिक फॉर्म और सहायक दस्तावेज कार्यालय में नहीं मिले। मतदाताओं ने मतदाता सूची में नाम और पिता का नाम बदलने के साथ ही नाम काटे जाने की शिकायत की थी। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भी मतदाता सूची में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था।
दो एसडीएम समेत कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज
चुनाव आयोग के निर्देश पर शहर कोतवाली में दोनों एसडीएम समेत कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस दौरान शुक्रवार को शासन की तबादला सूची में दोनों अधिकारियों को पीलीभीत से हटाकर नई तैनाती दी गई थी। हेमंत चौधरी को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी और मयंक गोस्वामी को लखनऊ में बंदोबस्त अधिकार बनाया गया था। दूसरे दिन हीं शनिवार को दोनों को नई तैनाती देने के बजाय प्रतीक्षारत कर दिया गया। अब चुनाव आयोग के द्वारा दोनों अधिकारियों के खिलाफ निलंबन के निर्देश दिए गए है।
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