चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत वोटरों क

वोटरों की सुनवाई केंद्रों पर बीएलए की एंट्री पर चुनाव आयोग सख्त, टीएमसी की मांग खारिज

EC strict on entry of BLA at voter hearing centres, TMC demand rejected

कोलकाता। चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में एसआइआर के तहत वोटरों की सुनवाई के केंद्रों में किसी भी पर्टी के बूथ लेवेल एजेंट (बीएलए) को प्रवेश नहीं करने देगा। किसी भी केंद्र में कोई बीएलए प्रवेश करेगा तो वहां मौजूद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिला चुनाव अधिकारी को यह देखना है कि सुनवाई के केंद्रों में कोई भी बीएलए प्रवेश नहीं कर पाए और ना ही सुनवाई रुक पाए। इस मामले में चुनाव आयोग सख्त हुआ है।

टीएमसी विधायकों और नेताओं ने सुनवाई में किया था हंगामा

राज्य के कई जगहों में सुनवाई के केंद्रों में 29 दिसंबर को टीएमसी के कई विधायकों और नेताओं ने हंगामा खंड़ा कर दिया था और सुनवाई में बाधा उत्पन्न कर दी थी। उनकी मांग थी कि सुनवाई के केंद्रों में राजनीतिक पार्टियों को बीएलए को रखा जाए। सुनवाई केंद्रों का निरीक्षण कर रहे एक पर्यवेक्षक की गाड़ी पर हमला भी किया गया था। सुनवाई केंद्रों में बीएलए को रखने की मांग को लेकर टीएमसी के प्रतिनिधि मंडल ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात कर मांग पत्र भी सौंपा था। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने उसकी मांग को मुख्य चुनाव आयोग के पास भेज दिया था। चुनाव आयोग ने टीएमसी की मांग को नामंजूर कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि वोटरों की सुनवाई केंद्रों में हंगामे और सुनवाई में हुई बाधा की घटनाओं को देखते हुए चुनाव आयोग सख्त हुआ है।

अपनी मांगों को लेकर अड़े टीएमसी नेता, चुनाव आयोग ने किया इनकार

जानकारों के मुताबिक टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपनी पार्टी के नेताओं को वोटरों की सुनवाई के केंद्रों में बीएलए को रखने की मांग को लेकर अपनी गतिविधियां तेज करने के लिए कहा है। टीएमसी नेताओं का तर्क है कि बीएलए जब बीएलओ का सहयोग कर सकते हे और चुनाव में बूथों में रह सकते हैं, तो वोटरों की सुनवाई को दौरान केंद्रों में क्यों नहीं रह सकते। टीएमसी नेता अपनी इस मांग को लेकर अड़े है जबकि चुनाव आयोग ने साफ मना कर दिया है।

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