चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में एसआइआर मामले में लगात

चुनाव आयोग के तीन अधिकारी पश्चिम बंगाल में चार दिसंबर तक रहेंगे

चुनाव आयोग के तीन अधिकारी पश्चिम बंगाल में चार दिसंबर तक रहेंगे

वोटर सूची में नाम सुधार के लिए होगा आधार कार्ड होगा जरूरी 

कोलकाता। चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में एसआइआर मामले में लगातार सख्ती बरतते जा रहा है। वह दिल्ली मुख्यालय से अपनी तीन अधिकारियों को इस राज्य में एसआइआर के कार्यों की निगरानी बाबत भेजेगा और वे यहां गणना फार्म की जमा करने की आखिरी तारीख चार दिसंबर तक रहेंगे।  नौ दिसंबर से दूसरे चरण में शुरू होने वाली  एसआइआर की प्रक्रिया के तहत वोटरों के नाम वगैरह के सुधार के लिए आधार कार्ड अनिवार्य होगा।   राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग की ओर से भेजे जाने वाले प्रधान सचिव बीसी पात्रा, सयिव सौम्यजीत घोष और अंडर सेक्रेटरी वैभव अग्रवाल हैं। वे राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल से तालमेल कर अपनी जिम्मेदारी का वहन करेंगे।  सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग एसआइआर का हर कार्य तय समय सीमा में ही पूरा कराना चाहता है। गणना फार्म की जमा की आखिरी तारीख चार दिसंबर है। इसमें कोई फेर बदल नहीं किया जाएगा। नौ दिसंबर को वोटर लिस्ट प्रकाशित किया जाएगा जिसमें नाम वगैरह की गड़बड़ी रहने की स्थिति में सुधार किया जाएगा। यह कार्य भी तय समय सीमा में पूरा होगा।  भाजपा नेताओं ने सबसे ज्याद शिकायतें चुनाव आयोग को  सूत्रों ने अनुसार चुनाव आयोग एसआइआर के कार्यों में मिलने वाली शिकायतों पर गंभीर है और उस पर कार्रवाई की जा रही है। चुनाव आयोग को सबसे अधिक शिकायतें भाजपा नेताओं की ओर से मिली है। भाजपा ने चुनाव आयोग को बीएलओ के कार्यों में होने वाली गड़बड़ी से लेकर फर्जी वोटरों तक की शिकायत की है ।भाजपा नेता व विधानससभा में विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद शमिक भट्टाचार्य, भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री सुकांत मजुमदार समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग को कभी पत्र लिख कर और कभी चुनाव आयोग के अधिकारियों की टीम से मुलाकात कर विभिन्न शिकायतें की हैं।

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