आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान अनियमितताओं पर चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई
आगरा (उत्तर प्रदेश)। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर को हुए मतदान के दौरान अनियमितताओं के दोषी पाए गए छह अधिकारियों को सोमवार को निलंबित करने का आदेश दिया। आयोग ने प्रभावित मतदान केंद्रों पर तैनात दो पीठासीन अधिकारियों, तीन मतदान अधिकारियों, पांच हेड कांस्टेबलों और 11 कांस्टेबलों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।आयोग ने अनियमितताओं के संबंध में मतदान केंद्र संख्या 21 और 26 पर तैनात अधिकारियों की पहचान कर कार्रवाई की है।
मतदान केंद्र संख्या 21 के अधिकारी
सैंया स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय पर बने मतदान केंद्र संख्या 21 पर जिन अधिकारियों के नाम हैं, वे हैं- सेक्टर मजिस्ट्रेट ओपी चक (जिला खादी तथा ग्रामोद्योग अधिकारी, आगरा); सेक्टर पुलिस अधिकारी हरिशरण सिंह (इंस्पेक्टर, क्राइम ब्रांच); और एत्माद्दौला पुलिस स्टेशन, आगरा के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार।
मतदान केंद्र संख्या 26 के अधिकारी
फतेहाबाद स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय पर बने मतदान केंद्र संख्या 26 पर जिन अधिकारियों के नाम हैं, वे हैं- सेक्टर मजिस्ट्रेट विशाल राठौर (क्षेत्रीय वन अधिकारी, फतेहाबाद, आगरा); सेक्टर पुलिस अधिकारी पुरुषोत्तम पाल (अतिरिक्त इंस्पेक्टर, फतेहाबाद, आगरा); और एकता पुलिस स्टेशन, आगरा के सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी। आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58ए(2)(ए) के तहत 23 अक्टूबर को इन स्थानों पर हुए मतदान को शून्य घोषित करने के बाद, सोमवार को निर्वाचन क्षेत्र के तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान का भी आदेश दिया है।
नवदीप रिनवा के कार्यालय से जारी हुई प्रेस विज्ञप्ति
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, खेरागढ़ स्थित तहसील परिसर के मतदान केंद्र संख्या 20, सैंया स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय के मतदान केंद्र संख्या 21, और फतेहाबाद स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय के मतदान केंद्र संख्या 26 पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। यह निर्णय उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हो रहे 2026 के द्विवार्षिक चुनावों के हिस्से के रूप में लिया गया है।
(इनपुट: ANI)
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