प्रवर्तन निदेशालय ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्

जौहर ट्रस्ट मामले में आज़म खान से रामपुर जेल में ईडी की पूछताछ

representative image

नई दिल्ली (भारत)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान से रामपुर जेल में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के सिलसिले में पूछताछ की। प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय की एक टीम आज सुबह रामपुर जिला जेल पहुंची और एजेंसी द्वारा अब तक की गई जांच में जुटाए गए सबूतों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं पर समाजवादी पार्टी के नेता से पूछताछ की।

तलाशी अभियान 19 अगस्त को शुरू किया

नेता जिस बैरक में बंद हैं, वहां पूछताछ अभी भी जारी है। संघीय एजेंसी ने सरकारी ठेकों के फंड को निजी ठेकेदारों के माध्यम से कथित रूप से डायवर्ट करने और बाद में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की संपत्ति बनाने सहित उसके उपयोग की जांच के तहत आज़म खान का बयान दर्ज किया। यह कार्रवाई संघीय एजेंसी द्वारा उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आज़म खान से जुड़े दस परिसरों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत मामले की जांच के सिलसिले में की गई तलाशी के लगभग ढाई महीने बाद हुई है। तलाशी अभियान 19 अगस्त को शुरू किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के साथ-साथ दिल्ली के परिसर भी शामिल थे।

2006 में स्थापित हुई मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय

तलाशी में शामिल परिसरों में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय भी थे, जो आज़म खान से जुड़े हैं। आज़म खान द्वारा 2006 में स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय रामपुर का एक निजी विश्वविद्यालय है। ईडी ने कहा कि उसकी जांच में अब तक यह पता चला है कि "कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच वित्तीय लेनदेन हुए और सरकारी ठेकों से कथित तौर पर लाभ उठाने वाले ठेकेदारों ने बड़ी मात्रा में दान और निर्माण कार्यों सहित धन को मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की ओर मोड़ा।"  ईडी इस मामले की जांच कर रही है ताकि अपराध की आय, वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और उपयोग से संबंधित डिजिटल साक्ष्य का पता लगाया जा सके।

रामपुर सदर से 10 बार विधायक रह चुके है आज़म खान

आज़म खान को 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन कलेक्टर-सह-जिला मजिस्ट्रेट समेत सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कथित तौर पर "जूते साफ करने" वाली आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित मामले में दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है। रामपुर सदर से 10 बार विधायक रह चुके और पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में से एक और लंबे समय से प्रभावशाली व्यक्ति रहे हैं। जालसाजी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से उन्हें पिछले साल नवंबर से रामपुर जिला जेल में रखा गया है।

(इनपुट: ANI)

यह भी पढ़ें: नंदन नीलेकणि ने प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए एआई और राष्ट्रव्यापी सीबीटी की वकालत की