औरंगाबाद में ऑटो की टक्कर से बुजुर्ग महिला की मौत, चालक फरार
औरंगाबाद (बिहार)। जिले में अनियंत्रित ऑटो का परिचालन अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। शहर से लेकर गांव तक बेलगाम दौड़ रहे ऑटो और नाबालिगों के हाथों में स्टीयरिंग थमाए जाने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ताजा मामला बड़ेम थाना क्षेत्र का है, जहां मंगलवार की देर शाम हुए एक दर्दनाक हादसे में 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
ऑटो चालक मौके से वाहन लेकर फरार
मृतका की पहचान बड़ेम थाना क्षेत्र के कंकेर गांव निवासी स्व. बिन्देश्वरी सिंह की पत्नी लहसीया देवी के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम वह गांव के समीप सड़क से गुजर रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं, जबकि ऑटो चालक मौके से वाहन लेकर फरार हो गया।
जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उन्हें बेहतर इलाज के लिए रोहतास जिले के डेहरी ले गए। वहां डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। महिला की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। मंगलवार रात ही परिजनों ने बड़ेम पुलिस को सूचना दी। बुधवार सुबह शव को औरंगाबाद सदर अस्पताल लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस फरार ऑटो चालक की पहचान में जुटी है।
ऑटो की चपेट में आकर अब तक कई लोग जान गंवा चुके
यह कोई पहला हादसा नहीं है। जिले में सात हजार से अधिक ऑटो का परिचालन होता है। इनमें बड़ी संख्या में ऑटो बिना वैध कागजात और लाइसेंस के चल रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई जगहों पर नाबालिग खुलेआम ऑटो चलाते देखे जाते हैं। बिना प्रशिक्षण के वाहन चलाने से वे खुद के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले लोगों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं। ऑटो की चपेट में आकर अब तक कई लोग जान गंवा चुके हैं और कई स्थायी रूप से दिव्यांग हो चुके हैं।
यातायात पुलिस से नियमित जांच अभियान चलाने का अनुरोध
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई करनी होगी। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को नियमित जांच अभियान चलाने के साथ-साथ वाहन मालिकों और अभिभावकों को भी जागरूक करना होगा, ताकि नाबालिगों को ऑटो चलाने से रोका जा सके और सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।
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