विधान सभा उपचुनाव से पहले निर्वाचन आयोग और तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी गुटों की 12 सितंबर को बैठक
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। तृणमूल कांग्रेस पार्टी पर नियंत्रण, नाम, संपत्ति और चुनाव चिह्न को लेकर जारी विवाद के बीच निर्वाचन आयोग ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को 12 सितंबर को नयी दिल्ली में अलग-अलग बैठकों के लिए बुलाया है।
छह अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव
निर्वाचन आयोग ने विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी को पत्र लिखकर पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को पूर्वाह्न 11 बजे बैठक के लिए समय दिया है। निर्वाचन आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी पत्र लिखकर उनके गुट को इसके एक घंटे बाद बैठक का प्रस्ताव दिया। ये बैठकें छह अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले हो रही हैं। इन उपचुनाव के लिए बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
60 बागी विधायकों के समूह का नेतृत्व कर रहे ऋतब्रत बनर्जी
ऋतब्रत बनर्जी इस की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में निर्वाचित 80 तृणमूल विधायकों में से उन 60 बागी विधायकों के समूह का नेतृत्व करते हैं जिन्होंने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से पार्टी की हार के बाद ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया था। बागी गुट ने पहले निर्वाचन आयोग से संपर्क करके पार्टी के नाम, वित्तीय संपत्ति और ‘घास पर दो फूल’ चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश किया था।
'घास पर दो फूल’ चुनाव चिह्न पर बागी गुट का दावा
गुट ने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करके आगामी उपचुनाव लड़ेगा, साथ ही अगर निर्वाचन आयोग 16 सितंबर को नामांकन प्रक्रिया खत्म होने से पहले उसके दावे को मान्यता नहीं देता है तो उसके उम्मीदवार निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार हैं।
12 सितंबर को 11 बजे होगी बैठक
बागी गुट को भेजे निर्वाचन आयोग के पत्र में कहा गया, ‘‘आयोग ने आपके पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को 12.09.2026 (शनिवार) को पूर्वाह्न 11 बजे इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट, सेक्टर-13, द्वारका, दिल्ली में बैठक के लिए समय देने का फैसला किया है।’’
दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के उम्मीदवार उपचुनाव में
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों ने घोषणा की है कि वे उपचुनाव के लिए उम्मीदवार उतारेंगे। दोनों गुट इससे पहले भी इस विवाद के संबंध में निर्वाचन आयोग के समक्ष पेश हो चुके हैं। (इनपुटः भाषा)
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