पटना में छात्र संगठनों का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की
पटना (बिहार)। देश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष और छात्र संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को पटना के गांधी मैदान में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावी रोल पुनरीक्षण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
गांधी मैदान में छात्रों और युवा संगठनों का प्रदर्शन
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मंगलवार को AISA और RYA के कार्यकर्ताओं ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप था कि चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान लोकतांत्रिक पारदर्शिता के खिलाफ है और इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। इस प्रदर्शन से पहले शनिवार को भी नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय के बाहर AISA और वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने इसी तरह का विरोध प्रदर्शन किया था।
सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष की याचिका और तकनीकी अड़चनें
गौरतलब है कि एक दिन पहले सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के प्रमुख नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। इसके बाद 11 विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग के SIR संबंधी फैसलों को चुनौती देते हुए सर्वोच्च अदालत में एक रिट याचिका दायर की। हालांकि, इस याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने प्रक्रियागत 14 कमियां (Defects) चिन्हित की हैं। यह याचिका राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और 9 अन्य INDIA गठबंधन के शीर्ष नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से दाखिल की गई है।
जंतर-मंतर पर फहराए गए तिरंगे को लेकर विवाद
दूसरी ओर, राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के बीच एक अन्य मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर सियासी पारा चढ़ गया है। मंगलवार को CJP के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, "जो लोग जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने को कानून का उल्लंघन मानते हैं, वे असल में देशद्रोही हैं।"
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को CJP कार्यकर्ताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को उस समय हिरासत में ले लिया जब उन्होंने कथित तौर पर सुरक्षा घेरा (Cordon) तोड़कर जंतर-मंतर में प्रवेश करने का प्रयास किया। बता दें कि जंतर-मंतर को पहले ही विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डीनोटिफाई (Denotify) किया जा चुका है। यह समूह सुबह तड़के ही प्रदर्शन स्थल पर जुटा था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया और घटनास्थल से हटा दिया।
लोकतांत्रिक संस्थाओं और मतदान अधिकारों पर गंभीर हमला
विपक्ष की ओर से लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोला जा रहा है। इस कड़ी में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के वरिष्ठ नेता और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि "देश की स्वतंत्र लोकतांत्रिक संस्थाएं और नागरिकों के बुनियादी वोटिंग अधिकार गंभीर खतरे की जद में हैं और उन पर लगातार हमले हो रहे हैं।" (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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