मप्र में हर एमएसएमई इकाई की मालिक महिला, राज्य में 8.87 लाख लघु उद्योग
MP News : मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। राज्य में महिला उद्यमियों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जिससे न केवल आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिली है, बल्कि स्वरोजगार के नए द्वार भी खुले हैं।
25 फीसदी का स्वामित्व महिला के पास
मध्य प्रदेश के MSME क्षेत्र में राज्य में संचालित कुल MSME इकाइयों में से लगभग 25% (हर चौथी इकाई) का स्वामित्व अब महिलाओं के पास है। मध्य प्रदेश में वर्तमान में कुल 8.87 लाख (8,87,087) पंजीकृत MSME इकाइयां हैं। इनमें से 2,28,959 इकाइयों का संचालन महिला उद्यमियों द्वारा किया जा रहा है।
रोजगार में भारी वृद्धि
पिछले 6 वर्षों में MSME क्षेत्र में महिला रोजगार में छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है। जहां 2020-21 में यह संख्या लगभग 1.53 लाख थी, वहीं अब यह बढ़कर 10 लाख के पार पहुंच गई है।
सशक्तिकरण के ये रहे कारण
राज्य सरकार की नीतियों और विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकालकर उद्योग जगत में स्थापित करने में मदद की है। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और वित्तीय सहायता ने महिला उद्यमियों का हौसला बढ़ाया है। मध्य प्रदेश में अब लगभग 48% स्टार्टअप्स महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
इन योजनओं ने भी सशक्त बनाया
'वोकल फॉर लोकल' और 'लाड़ली बहना' जैसी योजनाओं के साथ-साथ उद्यम क्षेत्र में बढ़ती पैठ ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिला उद्यमियों की यह बढ़ती संख्या प्रदेश की जीडीपी में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। 6 साल में महिला रोजगार 6 गुना बढ़ा और अब राज्य की 2.28 लाख से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियों की कमान महिलाओं के हाथों में है।
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