बैतूल के आठनेर में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौ

बैतूल में स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को बांटे गए एक्सपायरी बिस्कुट, नगर परिषद के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

कार्यक्रम पर बच्चों को बांटे गए एक्सपायरी बिस्कुट

बैतूल: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नगर परिषद आठनेर द्वारा बच्चों को एक्सपायरी बिस्कुट बांटने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले को लेकर 17 अगस्त सोमवार को नगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन कर रहे सभी कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर तहसील कार्यलय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाए कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया। दुकानों में पड़े एक्सपायरी बिस्कुट के पैकेटों का वितरण किया गया। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कार्यक्रम के अंतर्गत सभी विद्यालयों के बच्चों द्वारा निकाली गई प्रभात फेरी

कांग्रेस नगर अध्यक्ष पंकज वंजारे और जानी पठान ने ज्ञापन में बताया गया कि 15 अगस्त शनिवार के दिन नगरीय क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए नगर परिषद द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत सभी विद्यालयों के बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई और नगर भ्रमण के बाद कार्यक्रम के समापन पर नगर परिषद द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को पारले जी कंपनी के बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए।

उपयोग अवधि समाप्त होने के बावजूद बांटे गए बिस्कुट

वितरित किए गए बिस्किट के पैकेटों की जांच करने पर पैकेटों पर 5/12/25 और Use By 8/5/26° अंकित पाया गया। प्रथम दृष्टया उक्त तिथि के अनुसार, बिस्किट की उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद ऐसे बिस्किट छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को वितरित किए जाने का मामला सामने आया है। जो बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग करते हुए कहा...

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए वितरित किए गए बिस्किट के पैकेटों की जांच कराई जाए, उनके नमूने सुरक्षित कराए जाएं और यह पता लगाया जाए कि एक्सपायरी डेट वाले बिस्किट बच्चों तक किस प्रकार पहुंचे और इनके वितरण के लिए कौन जिम्मेदार है। साथ ही, जांच में अगर किसी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर विषय में तत्काल जांच एवं आवस्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

ये भी पढ़ें- 21 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में सजा काट रहे कैदी ने इलाज के दौरान तोड़ा दम