पंजाब का राइट टू बिजनेस एक्ट 2020 का चंडीगढ़ तक विस्तार
नई दिल्ली । चंडीगढ़ में व्यापार सुगमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 को केंद्र शासित प्रदेश में विस्तारित कर दिया है। इसमें प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप कई संशोधन किए गए हैं, जिससे व्यापार संबंधी स्वीकृतियों में तेजी लाने और निवेश को सुगम बनाने के लिए एक समर्पित ढांचा तैयार हुआ है। उम्मीद है कि इस अधिनियम के विस्तार से नियामक बोझ कम होगा, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और चंडीगढ़ में व्यापार सुगमता का माहौल और मजबूत होगा। उद्योग जगत की हस्तियां यह सुविधा देने की काफी दिनों से आग्रह कर रही थीं।
विस्तारित अधिनियम तत्काल प्रभाव से लागू
आईटी पार्क, बायोटेक पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), औद्योगिक टाउनशिप, विकास केंद्र, खाद्य प्रसंस्करण पार्क या चंडीगढ़ प्रशासन या केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किसी भी अन्य समान परियोजना में कार्यरत व्यवसाय भी इस अधिनियम के लाभों का फायदा उठा सकते हैं, जिनमें तेजी से स्वीकृति और आसान नियामक मंजूरी शामिल हैं। चंडीगढ़ में विस्तारित यह अधिनियम 2 जुलाई की रात को अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद प्रभावी हो गया। संशोधनों के तहत पंजाब सरकार और उसकी एजेंसियों के संदर्भों को चंडीगढ़ के संबंधित अधिकारियों से बदल दिया गया है, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में औद्योगिक और वाणिज्यिक स्वीकृतियों में तेजी लाने के लिए एक समर्पित कानूनी ढांचा तैयार हो गया है।
निवेशकों की समस्या का समाधान भी होगा
अधिसूचना के अनुसार, चंडीगढ़ ब्यूरो ऑफ एंटरप्राइज एंड इन्वेस्टमेंट (सीबीईआई) को नोडल एजेंसी के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिसका कार्य निवेश प्रस्तावों को सुगम बनाना, सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना, सैद्धांतिक स्वीकृति जारी करना, निवेशकों की शिकायतों का समाधान करना और पात्र उद्यमों को बढ़ावा देना होगा। ब्यूरो का नेतृत्व केंद्र शासित प्रदेश के सचिव (उद्योग) करेंगे, जबकि उद्योग निदेशक अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। (एएनआई)