पुलिस की वर्दी और पद की आड़ में जबरन वसूली व लूट क

जौनपुर में वसूली-लूट के मामलों में तीन गिरफ्तार, दो आरोपितों ने किया आत्मसमर्पण

Extortion and Extortion-Related Arrests in Jaunpur

जौनपुर {उत्तरप्रदेश}:  पुलिस की वर्दी और पद की आड़ में जबरन वसूली व लूट के दो मामलों की जांच में एसआईटी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो निलंबित आरक्षियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दो नामजद आरोपितों ने पुलिस दबिश के बीच न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में अब तक पांच आरोपित गिरफ्तार या न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुके हैं। सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

यूपीआई के जरिए 2.15 लाख रुपये ट्रांसफर कराने का आरोप

पहला मुकदमा जलालपुर थाने में 17 सितंबर को दर्ज हुआ था। आरोप है कि पीड़ित को वाहन में बैठाकर धमकाया गया और उसके मोबाइल के जरिए यूपीआई से करीब 2.15 लाख रुपये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कराए गए। एटीएम से भी रकम निकलवाने का आरोप लगाया गया।

दूसरे मामले में 1.65 लाख रुपये वसूलने का आरोप

दूसरा मामला 22 सितंबर को सुरेरी थाने में दर्ज हुआ। इसमें सादे कपड़ों में कथित पुलिसकर्मियों द्वारा पीड़ित को वाहन में बैठाकर करीब 1.65 लाख रुपये वसूलने और यूपीआई के जरिए रकम दूसरे खाते में भेजे जाने का आरोप है।

पांच सदस्यीय एसआईटी ने शुरू की जांच

मामलों की जांच के लिए 22 सितंबर को पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की गई। टीम अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के नेतृत्व में जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार 23 सितंबर को मनीष पटेल तथा निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और विष्णु सिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं जलालपुर मामले में नामजद संकीत और विकास ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।

अन्य लोगों और पुलिसकर्मियों के नाम भी सामने आए

एसआईटी के अनुसार विवेचना के दौरान कुछ अन्य लोगों और पुलिसकर्मियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित करने की बात कही है। हालांकि आरोपों की अंतिम पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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