फर्जी आईटीसी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, यूपी-हरियाणा में 9 ठिकानों पर छापेमारी; 3.6 करोड़ रुपये जब्त
नई दिल्ली [भारत]: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार सुबह शुरू हुए एक बड़े तलाशी अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश और हरियाणा के नौ परिसरों से 3.6 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। यह कार्रवाई एक आयात-निर्यात कंपनी के खिलाफ फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का कथित तौर पर धोखाधड़ीपूर्ण लाभ उठाने और उसे आगे बढ़ाने के मामले में की गई। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
24 घंटे से अधिक चला तलाशी अभियान
24 घंटे से अधिक चले इस तलाशी अभियान के दौरान ईडी अधिकारियों ने सोमवार शाम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित एक परिसर और गाजियाबाद स्थित एक स्टील यूनिट के परिसर से 1.1 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की। अधिकारियों ने बताया कि मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित सभी नौ परिसरों में तलाशी अभियान अब पूरा हो गया है।
पीएमएलए के तहत की गई कार्रवाई
ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई। यह मामला एक आयात-निर्यात फर्म से जुड़ा है, जिस पर फर्जी चालानों और ई-वे बिल के जरिए फर्जी आईटीसी तैयार करने और उसे आगे बढ़ाने का आरोप है। जांच के अनुसार, इन लेनदेन के दौरान वास्तव में माल की कोई आवाजाही नहीं हुई थी।
फर्जी संस्थाओं के जरिए लेनदेन का आरोप
अधिकारियों ने बताया कि ईडी की जांच में व्यापक चक्रीय लेनदेन, धन के तेजी से हेरफेर और कई फर्जी एवं अस्तित्वहीन संस्थाओं के माध्यम से नकद निकासी का खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों ने 9.63 करोड़ रुपये के आईटीसी के कथित धोखाधड़ीपूर्ण लाभ और 10.28 करोड़ रुपये के आईटीसी को आगे बढ़ाने का पता लगाया है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे सरकारी खजाने को गलत तरीके से नुकसान हुआ, जो पीएमएलए के तहत अपराध की आय के दायरे में आता है।
अपराध की आय और डिजिटल साक्ष्यों की तलाश
अधिकारियों ने आगे बताया कि तलाशी अभियान का उद्देश्य अपराध की आय का पता लगाना, अन्य लाभार्थियों की पहचान करना और कथित फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जुड़े दस्तावेजी एवं डिजिटल साक्ष्य जुटाना था।
(एएनआई)
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