गाजीपुर में CISF जवान समेत तीन पर फायरिंग का आरोप, अखिलेश यादव से मिलकर पीड़ित परिवार ने मांगी आरोपियों की गिरफ्तारी
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को गाजीपुर के भांवरकोल थाना क्षेत्र के सुखडेहरा निवासी राकेश सिंह यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में CISF जवान राघवेश सिंह यादव और उनके परिजनों पर कथित हमले के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। राकेश सिंह यादव ने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की। ज्ञापन के अनुसार, घटना के संबंध में भांवरकोल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
क्रिकेट खेलकर घर लौट रहे CISF जवान पर हमले का आरोप
ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का जवान राघवेश सिंह यादव छुट्टी पर अपने घर आया हुआ था। 13 अक्टूबर 2026 को वह बगीचे की तरफ क्रिकेट खेलकर घर लौट रहा था। इसी दौरान भांवरकोल थाना क्षेत्र के आशुतोष राय उर्फ बिट्टू, सर्वेश राय उर्फ सीटू और उनके साथी उपेंद्र राय पर पिस्टल लहराते हुए वाहन से पहुंचने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने वाहन रोककर गाली-गलौज की और विरोध करने पर राघवेश को गोली मारने का प्रयास किया।
पिस्टल के बट से सिर पर वार करने का आरोप
राकेश सिंह यादव की ओर से दिए गए ज्ञापन के अनुसार, गोली मारने का प्रयास असफल होने पर आरोपियों ने पिस्टल के बट से राघवेश सिंह यादव के सिर पर वार कर उन्हें घायल कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर उनके चचेरे भाई पंकज यादव और सगे भाई राकेश सिंह यादव घायल जवान को उपचार के लिए ले जाने लगे। आरोप है कि रास्ते में आरोपियों ने दोबारा वाहन रोककर तीनों भाइयों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पंकज यादव के सीने और राघवेश सिंह यादव के पैर में गोली लगने की बात कही गई है। ज्ञापन के मुताबिक, गोली लगने के बाद पंकज यादव मौके पर गिर पड़े।
भांवरकोल थाने में मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी नहीं होने का दावा
ज्ञापन में बताया गया है कि घटना के संबंध में भांवरकोल थाने में मुकदमा संख्या 224/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 और 109(1) में मामला दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आरोपी कथित तौर पर परिवार को मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे हैं और ऐसा नहीं करने पर पूरे परिवार को खत्म करने की बात कह रहे हैं। परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
ट्रामा सेंटर में चल रहा घायलों का इलाज
ज्ञापन के अनुसार, गोली लगने से घायल राघवेश सिंह यादव और पंकज यादव का इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दोनों की हालत गंभीर है और वे जीवन-मौत से जूझ रहे हैं। परिवार ने आरोपियों को प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि भय के कारण लोग उनके खिलाफ शिकायत करने से बचते हैं।
आरोपियों के खिलाफ पहले दर्ज मामलों का भी उल्लेख
राकेश सिंह यादव द्वारा दिए गए ज्ञापन में आरोपियों के खिलाफ पहले दर्ज कई मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इनमें वर्ष 2017 का हत्या, साक्ष्य मिटाने, अपहरण, धमकी और शस्त्र अधिनियम से संबंधित मामला शामिल है। इसके अलावा, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट और वर्ष 2018 में हत्या के प्रयास तथा शस्त्र अधिनियम से संबंधित मामलों का भी जिक्र किया गया है। ज्ञापन में वर्ष 2019 के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों सहित वर्ष 2026 के मौजूदा मुकदमे का उल्लेख भी किया गया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित परिवार ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि आरोपियों की ओर से कथित धमकियों के कारण वे भयभीत हैं। ज्ञापन में दर्ज आरोपों और मुकदमों का विवरण शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत किया गया है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी या पुलिस की ओर से की गई आगे की कार्रवाई के संबंध में उपलब्ध सामग्री में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
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