खेत में काम कर रहे किसानों से पुलिस पर मारपीट और 30 हजार की वसूली का आरोप, एसपी से जांच की मांग
चंदौली,(उत्तर प्रदेश)। अलीनगर थाना क्षेत्र के बसरतियां गांव निवासी दो किसानों ने ताराजीवनपुर चौकी इंचार्ज समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट, गाली-गलौज और जबरन 30 हजार रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक चंदौली को प्रार्थना पत्र देकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने तथा कथित रूप से वसूली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।
बिना किसी कारण मारपीट, गाली-गलौज और मोबाइल फोन छीनने का आरोप
पीड़ितों के अनुसार, 1 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 9:30 बजे वे अपने खेत में ट्रैक्टर और रैपर मशीन से भूमि समतलीकरण का कार्य करा रहे थे।ष इसी दौरान ताराजीवनपुर चौकी इंचार्ज पंकज कुमार सिंह, एक सिपाही तथा अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। आरोप है, कि बिना कोई कारण बताए पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और मोबाइल फोन भी छीन लिए।
ट्रैक्टर, रैपर मशीन, चालक और एक किसान को पुलिस ले गई थाने
प्रार्थना पत्र में कहा गया है, कि इसके बाद ट्रैक्टर, रैपर मशीन, चालक और एक किसान को चौकी ले जाया गया, जहां उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई। पीड़ितों का कहना है, कि गांव के लोगों से उधार लेकर किसी तरह 30 हजार रुपये की व्यवस्था की गई, जिसके बाद कथित रूप से चौकी के पास एक अज्ञात व्यक्ति के माध्यम से रुपये लेकर उन्हें छोड़ा गया। उनका आरोप है, कि मारपीट में उन्हें चोटें भी आईं और रुपये देने के कारण वे कर्जदार हो गए हैं।
छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग
एसपी कार्यालय पहुंचे सूबेदार यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया, कि वह अपने खेत में समतलीकरण का कार्य करा रहे थे। तभी, चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और बिना कारण उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने बताया, कि जब उन्होंने अपना कसूर पूछा तो उन्हें और पीटा गया तथा चौकी ले जाया गया। वहां छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई। उन्होंने कहा, कि काफी प्रयास और कर्ज लेकर 30 हजार रुपये की व्यवस्था कर पुलिसकर्मियों को देने के बाद उन्हें छोड़ा गया।
मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन
सूबेदार यादव ने बताया, कि पुलिस अधीक्षक ने उनकी शिकायत सुनने के बाद मामले की जांच कराने और जांच में तथ्य सही पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, मुकदमा दर्ज कराने तथा कथित रूप से वसूले गए 30 हजार रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
यह भी पढ़ेंः ब्लेक लिवली और रयान रेनॉल्ड्स टेलर स्विफ्ट और ट्रैविस केल्सी की शादी में शामिल नहीं हुए; जानिए क्यों