पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर तनाव: खानौरी चेकपॉइंट पर रोके गए किसान, जानिए क्या हैं प्रमुख मांगें
चंडीगढ़ (हरियाणा)। पंजाब-हरियाणा सीमा पर रविवार को तब तनाव बढ़ गया, जब हरियाणा पुलिस ने दिल्ली की ओर किसानों के एक नए मार्च को रोकने के लिए खानौरी चेकपॉइंट पर भारी बैरिकेड लगा दिए। किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों किसान बॉर्डर पर जमा हुए, लेकिन उन्हें पंजाब की तरफ रोक दिया गया।
पंजाब-हरियाणा सीमा पर कई लेयर की बैरिकेडिंग
हरियाणा में एंट्री रोकने के लिए अधिकारियों ने कई लेयर वाले बैरिकेड, कंक्रीट ब्लॉक, चेन वाले मेटल बैरियर लगाए और दंगा नियंत्रण इकाइयों को तैनात किया। ये यूनियन MSP के लिए कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं, प्रस्तावित फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट का विरोध कर रहे हैं और हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश में भी गरमाया किसान आंदोलन
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए किसान आंदोलन में, MSP पर मूंग की खरीद और फर्टिलाइजर ई-टोकन सिस्टम का विरोध कर रहे किसानों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के घर का घेराव करने के लिए भोपाल की ओर मार्च किया था। 28 जुलाई को, किसानों ने नर्मदापुरम से भोपाल की ओर मार्च करना शुरू किया। उनकी मांग थी कि मूंग की MSP पर 100 परसेंट खरीद हो, खाद के लिए ई-टोकन सिस्टम खत्म हो और जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर खाद बांटी जाए।
भोपाल में भी किसानों का आंदोलन
अगले दिन, मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारी किसानों को पुलिस ने भोपाल में CSIR-AMPRI इंस्टीट्यूट के पास रोक लिया। इसके बाद किसानों ने भोपाल-नर्मदापुरम राजमार्ग पर धरना प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन और प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच बातचीत से उस समय मामला हल नहीं हो पाया और प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। भोपाल में हुए विरोध प्रदर्शन के चलते हाईवे जाम हो गया और अधिकारियों को कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। एहतियात के तौर पर शहर के कुछ स्कूलों में भी छुट्टी घोषित कर दी गई थी।
खानौरी बॉर्डर पर बढ़ी सतर्कता
बता दें कि खानौरी सीमा पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। वहां लगाए गए प्रतिबंधों से दोनों राज्यों के बीच आवागमन प्रभावित होने की संभावना है। प्रस्तावित मार्च के आगे बढ़ने के साथ-साथ अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रखेंगे। बॉर्डर एरिया से गुजरने वाले लोगों को अलर्ट रहने और पुलिस और स्थानीय प्रशासन के दिए गए निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। इस बीच, किसानों का कहना है कि जब तक खेती से जुड़ी पॉलिसी और किसानों के हितों से जुड़ी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। (इनपुट: ANI)
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