दूध के भाव पर किसानों का फूटा गुस्सा, 10 सितंबर को उज्जैन कलेक्टर कार्यालय घेरेंगे किसान
उज्जैन (मध्य प्रदेश)। उज्जैन जिले जूना खेड़ा सरकार में दूध उत्पादक किसानों का विशाल सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें उज्जैन जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे।
दूध का उचित भाव नहीं मिल रहा
महासभा में किसानों ने बढ़ती महंगाई और पशुपालन की बढ़ती लागत को लेकर नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि खल, तेल, पशु आहार, दवाइयों और पशुओं की कीमत लगातार बढ़ रही है, लेकिन दूध का उचित भाव नहीं मिल रहा। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दूध का भाव 12 रुपए प्रति फैट करने की मांग
किसानों ने शासन के सामने दूध का भाव 12 रुपए प्रति फैट करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि मौजूदा भाव में पशुपालन की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।मांग को लेकर अब किसानों ने बड़ा आंदोलन तय कर दिया है। 10 सितंबर को दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में किसान उज्जैन कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे, घेराव करेंगे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।
आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा
किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर समय रहते ठोस फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।अब देखना होगा—दूध के उचित भाव की मांग पर शासन किसानों के साथ खड़ा होता है या फिर उज्जैन में आंदोलन का अगला चरण और बड़ा रूप लेता है।
यह भी पढ़ेंः अमेज़न के मालवाहक विमान के कई वाहनों को टक्कर मारने से 5 लोगों की मौत और 5 घायल