शहर के समीप स्थित पथरोटा नहर पुल पर लगातार हो रहे

संसद में उठा पथरोटा नहर पुल पर बढ़ते हादसों का मुद्दा, सुरक्षा उपायों की मांग तेज

Fatal Accidents at Pathrota Canal Bridge Raised in Parliament

इटारसी। शहर के समीप स्थित पथरोटा नहर पुल पर लगातार हो रहे सड़क हादसे और बढ़ती मौतों का गंभीर मामला अब देश की सबसे बड़ी पंचायत, संसद तक पहुँच गया है। पिछले 20 दिनों के भीतर इस खतरनाक पुल पर 4 लोगों की जान जाने के बाद स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शून्य काल में राज्यसभा में उठा मामला

राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने 'शून्यकाल' (Zero Hour) के दौरान सदन में इस संवेदनशील विषय को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन हादसों को प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। सांसद ने बताया कि पुल की स्थिति और सुरक्षा मानकों में कमी के कारण यहाँ मासूम लोग अपनी जान गँवा रहे हैं।

सड़क सुरक्षा ऑडिट और दोषियों पर कार्रवाई

सदन में सांसद माया नारोलिया ने कई मांगें रखीं, जिसमें उन्होंने मांग की कि तत्काल इस पुल और आसपास के क्षेत्र का 'रोड सेफ्टी ऑडिट' कराया जाए ताकि हादसों के तकनीकी कारणों का पता चल सके। निर्माण और रखरखाव में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पुल पर रेलिंग, लाइटिंग और चेतावनी बोर्ड जैसे सुरक्षा इंतज़ाम तुरंत किए जाएं।

स्थानीय लोगों नें आक्रोश

मात्र 20 दिनों के भीतर 4 लोगों की मौत ने स्थानीय निवासियों में भारी रोष पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन हादसों का इंतज़ार करता है और मौतें होने के बाद ही नींद से जागता है। अब जब मामला राज्यसभा तक पहुँच गया है, तो उम्मीद जताई जा रही है कि पुल के सुधारीकरण का कार्य जल्द शुरू होगा।

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