फतेहपुर: हसवा फायरिंग प्रकरण में पुलिस का बड़ा खुलासा, रिंकू लोहारी पक्ष के चार गिरफ्तार
फतेहपुर (उत्तर प्रदेश)। हसवा फायरिंग प्रकरण में पुलिस की विस्तृत जांच और अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना को लेकर महत्वपूर्ण खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक फतेहपुर अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि जांच में सामने आया है कि रिंकू लोहारी पक्ष द्वारा बलराम मिश्रा तथा उसके अन्य सहयोगियों को साथ लाया गया था। ये सभी शिवरामऊ थाना गाजीपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं और इनमें कुछ का पूर्व आपराधिक इतिहास भी पुलिस जांच में सामने आया है।
शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश जारी
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जांच में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर फायरिंग इन्हीं लोगों द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, वीरेंद्र सिंह पक्ष की ओर से फायरिंग किए जाने की पुष्टि पुलिस जांच में नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि प्रकरण में रिंकू लोहारी सहित उसके चार अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना में प्रयुक्त असलहों की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। इसके साथ ही घटना में शामिल शेष वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
गिरफ्तारी पर ₹25-25 हजार का पुरस्कार घोषित
एसपी ने बताया कि प्रकरण में मुख्य रूप से वांछित दीपू पटेल और गजानन मिश्रा की गिरफ्तारी पर ₹25-25 हजार का पुरस्कार घोषित किया गया है। पुलिस की टीमें दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयासरत हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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