औरंगाबाद में 13 वर्षीय किशोर की संदिग्ध मौत, पिता और सौतेली मां गिरफ्तार
औरंगाबाद (बिहार)। औरंगाबाद जिले से 13 वर्षीय एक किशोर के हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना उपहारा थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान राजेश चौधरी उर्फ मुंगड़ी चौधरी के पुत्र खेसरिया कुमार के रूप में हुई है। दरअसल, किशोर का शव घर से 7 किलोमीटर दूर नदी किनारे से बरामद किया गया है। इस कांड में पिता और सतौली मां पर घटना को अंजाम देने का आरोप है। मामले में पुलिस ने आरोपी पिता राजेश चौधरी उर्फ मुंगड़ी चौधरी और सौतेली मां मंजू देवी को गिरफ्तार कर लिया है।
शव ठिकाने लगाने की साजिश का खुलासा
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बुधवार की रात अरवल जिले के बंशी थाना क्षेत्र स्थित पुनपुन नदी के बालू घाट से किशोर का शव बरामद किया। ग्रामीणों की सूचना पर अरवल प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में दंडाधिकारी के समक्ष शव को बाहर निकाला गया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने बताया कि शव को नदी तक पहुंचाने में बाइक और स्कॉर्पियो का इस्तेमाल की बात सामने आई है। पुलिस दोनों वाहनों की तलाश में जुटी हुई है।
घरेलू विवाद बना हत्या की वजह
थानाध्यक्ष आकाश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह घरेलू विवाद और सौतेली मां से झगड़ा सामने आया है। खेसरिया का अपनी सौतेली मां मंजू देवी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। रिश्ते में मंजू देवी बच्चे की मौसी भी लगती है। झगड़े की शिकायत अपने पति मुंगड़ी चौधरी से की थी। इसके बाद पिता ने बेटे की बेरहमी से पिटाई कर दी। ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक, आरोपी पिता ने कड़ी धूप में बच्चे को लाठी और डंडों से पीटा। मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि किशोर गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। वह लगातार अपनी जान की भीख मांगता रहा, लेकिन पिता का दिल नहीं पसीजा। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण वह बेहोश हो गया। बाद में उसकी मौत हो गई।
बालू में दफनाया गया शव
आरोप है कि घायल बच्चे का इलाज कराने के बजाय उसे धूप में ही छोड़ दिया गया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ती चली गई। शव को छिपाने की साजिश रची गई और उसे पुनपुन नदी किनारे बालू में दफना दिया गया। हालांकि ग्रामीणों को शक होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई जिसके बाद मामला उजागर हुआ। ग्रामीणों के बीच आरोपी मुंगड़ी चौधरी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि उसने अपनी पहली पत्नी की भी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मौत के बाद उसने अपनी साली मंजू देवी से दूसरी शादी कर ली थी। हालांकि उस समय किसी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी। परिवार के अंदर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं।
दादी और बहन ने लगाए गंभीर आरोप
दादी के अनुसार, कुछ देर बाद सौतेली मां मंजू देवी वहां पहुंची और उसने भी किशोर की पिटाई की। बाद में खेसरिया किसी तरह अपने हाथ खोलकर भूसा घर में गया और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस अभी इस दावे की भी जांच कर रही है। वहीं, मृतक की बहन मुन्नी कुमारी ने माता-पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि वह अपने ननिहाल खैरा गांव में रहती है। भाई की मौत की सूचना मिलने के बाद घर पहुंची। मुन्नी के अनुसार उसके माता-पिता अक्सर खेसरिया के साथ मारपीट करते थे। घटना वाले दिन भी उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी पिता और सौतेली मां को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ चल रही है, जल्द ही सच सामने आएगा। फिलहाल चौकीदार महबूब आलम के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस हत्या, आत्महत्या और शव छिपाने सहित सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
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