महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई! कॉकरोच और गंदगी म

कॉकरोच, एक्सपायर्ड फूड और गंदगी: महाराष्ट्र FDA का डार्क स्टोर्स, रेलवे कैटरिंग और नामी होटलों पर बड़ा एक्शन

Maharashtra FDA chief Tukaram Mundhe (File photo)

मुंबई (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर राज्य सरकार ने कड़ा प्रहार किया है। 'सुरक्षित अन्न, सुरक्षित औषधि, सुरक्षित महाराष्ट्र' (Safe Food, Safe Medicine, Safe Maharashtra) अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन के आरोप में एफडीए ने राज्य के कई नामी भोजनालयों, डार्क स्टोर्स और डेयरी सप्लायर्स के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।

रेलवे कैटरिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चला डंडा

एफडीए महाराष्ट्र के रडार पर रेलवे यात्रियों को खाना परोसने वाली कैटरिंग सेवाएं भी रहीं। प्रशासन ने रेलवे कैटरिंग सर्विस के तहत 5 बेस किचन और फूड प्लाजा का औचक निरीक्षण किया। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई के एक होटल का फूड लाइसेंस इसलिए सस्पेंड कर दिया गया क्योंकि वहां भारी संख्या में कॉकरोच पाए गए थे। साथ ही, भोजन के अस्वच्छ परिवहन और चोटिल कर्मचारियों द्वारा खाना बनाए जाने जैसी गंभीर खामियां भी मिलीं। इसके अलावा 4 अन्य सप्लायर्स को स्थिति सुधारने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और डार्क स्टोर्स पर भी एफडीए ने सख्त रुख अपनाया है। जांच के दौरान जिंदा कॉकरोच मिलने, कोल्ड-चेन मानकों के उल्लंघन (डेयरी उत्पादों को सुरक्षित तापमान से ऊपर रखना), एक्सपायर हो चुका सामान बेचने और गंदे ड्रेनेज सिस्टम की पुष्टि होने के बाद इनके लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिए गए।

धार्मिक संस्थान के किचन से लेकर डेयरी तक खामियां

यह कार्रवाई सिर्फ होटलों तक सीमित नहीं रही। एफडीए ने एक धार्मिक संस्थान द्वारा संचालित 3 फूड लाइसेंस भी निलंबित किए हैं। इनमें मुख्य परिसर का किचन और दो रेस्टोरेंट शामिल हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, इन स्थानों पर कीड़े-मकोड़ों की भरमार, जाम पड़ी नालियां, पानी की अनिवार्य गुणवत्ता जांच का न होना और बिना प्रमाणित तेल का इस्तेमाल जैसी चिंताजनक बातें सामने आईं।

डेयरी और मिठाई की दुकानों पर भी प्रशासन ने शिकंजा कसा है। खुले दूध की गलत लेबलिंग और पाश्चुरीकरण (pasteurisation) की सुविधा न होने के कारण एक डेयरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का लाइसेंस निलंबित किया गया है। वहीं, बिना वैध परमिट के अवैध और अस्वच्छ तरीके से निर्माण इकाई चलाने पर एक मिठाई की दुकान का लाइसेंस भी निलंबितकर दिया गया।

'जीरो टॉलरेंस' नीति: पुणे से मुंबई तक एक्शन

कार्रवाई के इस व्यापक अभियान के तहत एक मशहूर बिरयानी सेंटर और एक बेकरी के लाइसेंस भी सस्पेंड किए गए हैं। प्रशासन ने मुंबई के कई कैफे के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन रद्द करने की भी सिफारिश की है। बिना FSSAI लाइसेंस के संचालित हो रहे एक शाकाहारी रेस्टोरेंट को 'स्टॉप बिजनेस ऑर्डर' (काम बंद करने का आदेश) थमाया गया है। इसके साथ ही, पुणे डिवीजन में भी 11 अन्य फूड आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार जनस्वास्थ्य से किसी भी तरह के खिलवाड़ पर 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति अपना रही है। प्रशासन की ओर से सख्त चेतावनी दी गई है कि एक्सपायर हो चुके या असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वाले किसी भी कारोबार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। एफडीए ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि वे कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायर्ड उत्पाद या अस्वच्छता देखते हैं, तो इसकी सीधी शिकायत प्रशासन से करें।

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