Kuno National Park : मादा चीता वीरा और दो शावक खुले जंगल में छोड़े गए
Kuno National Park : कूनो। श्योपुर के कुनो नेशनल पार्क में चीता वीरा और इसके दो शावकों को छोड़ दिया गया। वीरा को दक्षिण अफ्रीका से लाया गया था। उसने फरवरी 2025 में दो शावक को जन्म दिया था। करीब नौ माह बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरा और उसके दोनों शावक को कूनो के पारोंद क्षेत्र में छोड़ दिया। तीनों चीते जंगल के परिवेश में शामिल हो गये। इसके साथ ही खुले जंगल में विचरण करने वाले चीतों की संख्या 16 से बढ़कर 19 हो गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा- कूनो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रोजक्ट चीता सफल हो रहा है। कहा, चीतों के पुनर्वास से कूनो और आसपास के क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। तीनों को जंगल में छोड़ना एक ऐतिहासिक पल है। यह संरक्षण प्रयोसों की बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम के दौरान क्लिनिकल मैनेजमेंट आफ चीता इन कूनो नेशनल पार्क- पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम 24 घंटे निगरानी कर रही
इसके साथ कूनो शोवेनियर शॉप का लोकार्पण और वर्ष 2025 का विशेष कैलेंडर भी जारी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा, इससे पर्यटन और संरक्षण दोनों को नई दिशा मिलेगी। साथ ही कहा, वीरा औऱ दोनों शावक का जंगल में विचरण चीता पुनर्वास परियोजना की दिशा मे सफलता का मजबूत संकेत है। इधर वन अधिकारोयों ने बताया, वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है। चीतों के स्वास्थ्य और उनकी गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह मप्र के लिए गौरव का विषय है।
मालूम हो कि कूनो में अभी 29 चीते हैं। उधर, गांधी सागर अभ्यारण्य में 3 चीते हैं। इनकी विशेष टीम निगरानी कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस संबंध में संदेश जारी किया है और संरक्षण कार्य की प्रशंसा की है। कहा, प्रोजेक्ट चीता भारतीय जैव विविधता को मजबूत करने की दिशा में मजबूत कदम है। यह गर्व की बात है कि अब कई चीता भारत में जन्म ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने दुनिया भर के वन्य जीव प्रेमियों को भारत आकर चीतों को करीब से देखने का आग्रह भी किया।
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