दिल्ली पुलिस ने शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर क

शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर पोस्टर लगाने और काली स्याही से लिखने के मामले में FIR दर्ज

FIR Filed Over Posters at Shivaji Stadium Metro Station

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर कथित तौर पर पोस्टर चिपकाने और दीवार पर काली स्याही से लिखने के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 24 अक्टूबर को शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के इमरजेंसी गेट नंबर 5 के पास कथित तौर पर पोस्टर चिपकाए गए थे। इसके अलावा, गेट नंबर 7 के पास एक शाफ्ट की दीवार पर काली स्याही से लिखा गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, IGI एयरपोर्ट मेट्रो पुलिस ने इस घटना के संबंध में दिल्ली प्रॉपर्टी डिफेसमेंट प्रिवेंशन एक्ट और मेट्रो रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।

मेट्रो ट्रेन में पोस्टर मिलने पर भी दर्ज हुई थी FIR

इससे पहले, दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर एक ट्रेन के अंदर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर चिपके मिलने के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। दिल्ली पुलिस ने इसकी जानकारी दी थी। पुलिस के मुताबिक, FIR दिल्ली पब्लिक प्रॉपर्टी डिफेसमेंट प्रिवेंशन एक्ट, 2007 और मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002 के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने पोस्टर जब्त कर लिए हैं, जबकि स्पेशल सेल भी जांच में शामिल है।

पूर्व DCP ने जताई बड़ी साजिश की आशंका

इस घटना पर टिप्पणी करते हुए दिल्ली पुलिस के पूर्व DCP एलएन राव ने कहा कि पोस्टर लगाना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जांच से पता चलेगा कि इसके पीछे कौन था। राव ने कहा, "ये पोस्टर लगाना एक बड़ी साजिश का हिस्सा लगता है। शायद भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच से पता चलेगा कि ये लोग कौन थे, उन्हें पोस्टर लगाने के लिए किसने कहा और उनका मकसद या उद्देश्य क्या था।"

जांच के बाद ही स्पष्ट होगा घटना का मकसद

घटना के पीछे के उद्देश्य पर जोर देते हुए राव ने कहा कि पूरी जांच के बाद ही इसका असली मकसद स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने कहा, "उस मकसद की पूरी जांच के बाद ही इस घटना का असली नतीजा साफ होगा। जांच एजेंसी FIR दर्ज करके सभी सबूत इकट्ठा करेगी और असल में जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश करेगी।"

(ANI)

ये भी पढ़ें: ओम बिरला की BRICS संसदों से अपील, मानवीय निगरानी में नैतिक और पारदर्शी तकनीक को दें बढ़ावा