दिल्ली घोषणा पत्र को अपनाया, बना 2030 का रोडमैप, आधुनिकीकरण और डिजिटल बनाने के लिए पांच साल की योजना
Delhi : केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में 10 व 11 नवंबर को आयोजित शहरी सहकारी ऋण क्षेत्र पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को-आप कुंभ 2025 का उद्घाटन किया। इसका उद्येश्य नीति सुधार, शासन और डिजिटलीकरण के माध्यम से शहरी सहकारी क्षेत्र को मजबूत करना है। इसमें यूसीबी और क्रेडिट सोसायटी शामिल हैं। सम्मेलन मेंदिल्ली घोषणा को अपनाया गया। यह 2030 का रोडमैप है। इसमें एलसीबी और क्रेडिट सोसायटी के आधुनिकीकरण औऱ डिजिटल बनाने के लिए पांच साल की योजना की रूपरेखा तैयार की गई।
यह शासन में सुधार, छोटे शहरों में वित्तीय समावेशन का विस्तार करने, अनुपालन बढ़ाने और सहकारी समितियों को राष्ट्रीय डिजिटल वित्तीय पारिस्थिकी तंत्र में एकीकृत करने पर केंद्रित है। सहकारी बैंकों के लिए एक नई डिजिटल भुगतान प्रणाली है जो यूसीबी के ग्राहकों के लिए यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस और कार्ड आधारित सिस्टम सहित वास्तविक समय के लेनदेन को सक्षम बनाती है।
छोटे सहकारी बैंकों को देश में मुख्यधारा में शामिल होने में मदद करने के लिए बनाया गया है। इसके साथ सहकारी डिजी ऋण एक आनलाइन ऋण समाधान है जो यूसीबी को डिजिटल रुप से ऋणों को संसाधित करने को मंजूरी देने औऱ निगरानी करने में सक्षम बनाता है। तेजी से ऋण अनुमोदन, कुशल ऋण विश्लेषण और व्यवस्थित दस्तावेज प्रबंधन की सुविधा प्रदान करता है। इसमें यूसीबी को वाणिज्यिक बैंकों और फिटनेस फर्मों के साथ प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलती है।
सहकारी बैंकिंग सोवाओं तक पहुंच का विस्तार
मालूम हो कि सहकार डिजी पे और सरकार डिजी लोन एप्लिकेशन को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम और सहकारी मंत्रालय के सहयोग से नेफक़ॉब ने विकसित किया है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने 2030 के भीतर दो लाख से अधिक की आबादी वाले प्रत्येक भारतीय शहर में कम से कम एक नागरिक सहकारी बैंक (यूसीबी) स्थापित करने के लक्ष्य की घोषणा की। इसका उद्येश्य छोटे व्यवसायों और शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों, स्व नियोजित व्यक्तियों और मध्यम आय समूहों के लिए सहकारी बैंकिंग सोवाओं तक पहुंच का विस्तार करना है।
नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में दिल्ली घोषणा पत्र 2025 के अनुमोदन के साथ संपन्न हुआ। घोषणा पत्र राष्ट्रीय सहकारी शहरी बैंक महासंघ के उपाध्यक्ष मिलिंद काले द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसमें उल्लेख किया गया कि भारत सरकार द्वारा सहकारी मंत्रालय के माध्यम से सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने पर सतत ध्यान दिया जाता रहा है। साथ ही आरबीआई और नाबार्ड के मार्गदर्शन की अहम भूमिका है।
बचत पर रिवार्ड प्वाइंट, ब्रांडेड वाउचर और अपर योजनाएं
घोषणा पत्र में शहरी सहकारी बैंकों और क्रेडिट सोसायटियों में आधुनिक प्रद्योगिकी के उपयोग से पेशेवर प्रबंधन और सुदृढ़ सुशासन प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया गया। सम्मेलन के समापन पर श्री काले ने कहा, दिल्ली घोषणा पत्र 2025 हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। रिजर्व बैंक की स्वीक़ृति के बाद जूनियो अब ऐसा वॉलेट लान्च करने की तैयारी कर रहा है, जो उपयोगकर्ता (विशेषकर नाबालिगों) को बिना बैंक में खाता खोले भुगतान करने की सुविधा देगा। यह वॉलेतान कर सकते हैं। इससे किसी भी यूपीआई क्यूआर कोड को स्कैन कर भुगतान करने की सुविधा देगा।
यह पहल एनपीसीआई की ओर से शुरु की गई यूपीआई सर्कल योजना के अनूरुप है। इसके तहत बच्चे अपने माता पिता से जुड़े यूपीआई खातों के माध्यम से भुगत्तीय साक्षरता और जिम्मेदार घन प्रबंधन को प्रारंभिक स्तर पर ही प्रोत्साहन मिलेगा। भविष्य में जूनियो अपने प्लेटफार्म पर कई सुविधा जोड़ने की योजना बना रहा है। जैसे यूपीआई का पूर्ण एकीकरण, बचत पर रिवार्ड प्वाइंट, ब्रांडेड वाउचर और अपर योजनाएं।
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