बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में घाघरा-सरयू नदी का ज

लगातार बढ़ रहा घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर, गहराता जा रहा बाढ़ का संकट

तेजी से बढ़ रहा घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर

बाराबंकी: तहसील रामनगर क्षेत्र में घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। एल्गिन ब्रिज-संजय सेतु स्थित केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के सामने बुधवार सुबह 10 बजे नदी का जलस्तर 106.560 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार के अनुसार, नदी खतरे के लाल निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और फिलहाल इसके रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

24 घंटे में एक सेंटीमीटर और बढ़ गया नदी का जलस्तर 

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, मंगलवार सुबह नौ बजे घाघरा नदी का जलस्तर 106.550 मीटर दर्ज किया गया था, जो खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर था। इस तरह 24 घंटे में नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर और बढ़ गया है। लगातार बढ़ते पानी से तराई क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है। नदी का पानी नाला और पुलिया के रास्ते खेतों तक पहुंच रहा है। सूरतगंज विकासखंड के हेतमापुर, सुंदरनगर समेत कई ग्राम पंचायतों के निचले इलाकों और खेतों में पानी भर गया है। फसलें जलमग्न होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के अन्य गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है।

क्यों उफान पर आई घाघरा नदी

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। राजस्व टीमों को लगाया गया है और प्रभावित ग्रामीणों को दोनों समय भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि शारदा और गिरिजा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा नदी में उफान बना हुआ है। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। 

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