चंदौली में बाढ़ से धान की फसल बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा; डीएम ने सर्वे के दिए निर्देश
चन्दौली {उत्तर प्रदेश}: चंदौली जिले में लगातार हुई भारी बारिश और बाढ़ से किसानों की परेशानी बढ़ गई है. कई गांवों में धान की फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई है. वहीं बारिश के कारण कई कच्चे मकान भी गिर गए हैं. किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा.
फसल नुकसान के सर्वे की मांग
किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की कि बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल निष्पक्ष सर्वे कराया जाए. फसल नुकसान के आधार पर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के साथ फसल बीमा कराने वाले किसानों को बीमा कंपनियों से नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की गई.
कच्चे मकान गिरने से गरीब परिवार प्रभावित
प्रतिनिधिमंडल ने बारिश के कारण कच्चे मकान गिरने वाले गरीब परिवारों का भी सर्वे कराने और मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने की मांग रखी. इसके अलावा गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों और गड़ई व चंद्रप्रभा नदियों के निचले इलाकों में बढ़ते बाढ़ के प्रभाव को देखते हुए सिंचाई विभाग की टीम को सक्रिय करने की मांग की गई.
सिंचाई परियोजनाओं की निगरानी की मांग
किसानों ने सिंचाई विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा कर लापरवाही और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई करने तथा हेड से टेल तक लगातार निगरानी रखने की मांग की, ताकि बाढ़ की स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
डीएम ने सर्वे के दिए निर्देश
किसानों के प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की है. टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फसल और अन्य नुकसान का स्थलीय सर्वे करेगी.
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