CBI के पूर्व डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव सक्रिय राजनीति में आए, सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए
वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। CBI के पूर्व निदेशक एम. नागेश्वर राव ने सक्रिय राजनीति में कदम रखते हुए सर्वजन सनातन पार्टी (SSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है। काशी से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करते हुए राव ने कहा कि भारत के विकास का रास्ता ऐसा होना चाहिए, जिसमें आधुनिकता के साथ देश की सभ्यतागत और सांस्कृतिक जड़ों का भी संरक्षण हो।
सनातन को लेकर पार्टी की विचारधारा
एम. नागेश्वर राव ने कहा कि सर्वजन सनातन पार्टी की सोच में सनातन केवल पूजा-पद्धति नहीं है। उनके अनुसार, यह सत्य, धर्म, कर्तव्य, करुणा, न्याय, संयम, प्रकृति, परिवार, समाज और जन-कल्याण पर आधारित जीवन-दृष्टि है। पार्टी ने अपनी सोच को चार मुख्य स्तंभों पर आधारित बताया है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सभ्यतागत जुड़ाव शामिल हैं। पार्टी के मुताबिक, इन क्षेत्रों में आधुनिक विकास के साथ भारतीय सभ्यता, ज्ञान और सांस्कृतिक परंपराओं के जुड़ाव पर जोर दिया जाएगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका पर जोर
शिक्षा के क्षेत्र में पार्टी आधुनिक और वैश्विक स्तर की शिक्षा के साथ भारतीय सभ्यता, इतिहास और ज्ञान-परंपराओं के जुड़ाव की बात करती है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा और भारतीय स्वास्थ्य परंपराओं के ज्ञान को मिलाकर सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवा की बात कही गई है। आजीविका के तहत युवाओं, किसानों, कारीगरों, मजदूरों, छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए सम्मानजनक आजीविका और अवसरों पर जोर दिया गया है। वहीं, सभ्यतागत जुड़ाव के तहत भारत की भाषाओं, कलाओं, मंदिरों, तीर्थस्थलों, त्योहारों, ज्ञान-परंपराओं, परिवार और सांस्कृतिक संस्थानों को राष्ट्र की शक्ति के रूप में देखने की बात कही गई है।
आधुनिक भारत के निर्माण का विजन
सर्वजन सनातन पार्टी ने कहा कि उसका उद्देश्य अतीत में लौटना नहीं, बल्कि सभ्यतागत जड़ों पर खड़े होकर आधुनिक भारत का निर्माण करना है। पार्टी के अनुसार, भारत तकनीकी और आर्थिक रूप से आधुनिक हो, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान से कटा हुआ न हो। एम. नागेश्वर राव ने कहा कि सनातन को केवल चुनावी प्रतीक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, शासन, संस्कृति और सामाजिक जीवन में भी इसके मूल्यों की झलक होनी चाहिए।
मंदिरों और तीर्थस्थलों को लेकर क्या कहा
एम. नागेश्वर राव ने मंदिरों और तीर्थस्थलों को केवल पूजा-पाठ की जगह न मानकर भारतीय सभ्यता की जीवंत संस्थाओं के तौर पर संरक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने इनमें सम्मान, पारदर्शिता और सार्थक सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन किसी के खिलाफ नहीं है। पार्टी का मकसद किसी जाति या समुदाय का विरोध करना नहीं, बल्कि सामाजिक बंटवारे के बजाय सभी के लिए काम करना है।
पार्टी ने रखा आधुनिक भारत का विजन
काशी को नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत बताते हुए एम. नागेश्वर राव ने कहा कि भारत का लक्ष्य आधुनिकता और अपनी सभ्यता की जड़ों के बीच संतुलन बनाना होना चाहिए। सर्वजन सनातन पार्टी ने अपनी व्यापक सोच के तौर पर विजन पेश किया है: “आधुनिक भारत, अपनी सनातन सभ्यता की जड़ों के साथ।”
पार्टी के कई पदाधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर CBI के पूर्व डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव के साथ सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत तीर्थानंद, उपाध्यक्ष रितु राठौड़, महासचिव राजा सक्षम सिंह योगी, प्रवक्ता बबीता शर्मा, उत्तर प्रदेश प्रभारी राकेश तिवारी और संगठन मंत्री नरनारायण सिंह मौजूद थे। (Source: ANI)
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