फर्जी दस्तावेज बनाकर कब्जा कराने वाला पूर्व वनकर्मी गिरफ्तार
उमरिया,(मध्यप्रदेश)। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर वन परिक्षेत्र में वनभूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण कराने और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासन को गुमराह करने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पूर्व वनकर्मी को गिरफ्तार किया है। विभाग का दावा है, कि आरोपी वनाधिकार अधिनियम के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ग्रामीणों को वनभूमि पर कब्जा करने के लिए प्रेरित कर रहा था। मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।
उप वनमंडलाधिकारी मानपुर के निर्देशन में पूरे मामले की जांच
वन विभाग के अनुसार क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय, उप संचालक योहान कटारा के मार्गदर्शन तथा उप वनमंडलाधिकारी मानपुर नितिन निगम के निर्देशन में पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 10688/01, दिनांक 28 जून 2026 को दर्ज किया गया।
वनाधिकार अधिनियम का कथित रूप से दुरुपयोग
प्राथमिक जांच में सामने आया, कि तत्कालीन उमरिया वनमंडल के मानपुर परिक्षेत्र में पदस्थ रहे पूर्व वनकर्मी तितुर सिंह धुर्वे, जिन्हें वर्ष 2009 में शासकीय सेवा से पृथक कर दिया गया था, कथित रूप से वनाधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज और अभिलेख तैयार कर रहे थे।
शासकीय अभिलेखों का दुरुपयोग कर वनाधिकार पत्र बनवाने का प्रयास
वन विभाग का आरोप है, कि इन दस्तावेजों के माध्यम से ग्रामीणों को वनभूमि पर अतिक्रमण करने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। साथ ही शासकीय अभिलेखों और प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर वनाधिकार पत्र बनवाने का प्रयास भी किया जा रहा था, जबकि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में किसी भी शासकीय पद पर कार्यरत नहीं है।
विभाग को मुखबिर से मिली सूचना
विभाग को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मानपुर बफर वन परिक्षेत्र अधिकारी अंकित सोनी के नेतृत्व में ग्राम बिजुरी में कार्रवाई की गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को कथित रूप से वनाधिकार पत्र बनवाने के नाम पर लेन-देन और सौदेबाजी करते हुए पकड़ा। इसके बाद उससे पूछताछ की गई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की जांच जारी
वन विभाग का कहना है, कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के बयान, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है, कि वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा शासकीय अभिलेखों के दुरुपयोग जैसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विभिन्न अधिकीरियों की रही भुमिका
इस कार्रवाई में वनपाल सुनील ठाकुर, उप वन क्षेत्रपाल भाई लाल सिंह, वनपाल शंकर कोल, वन रक्षक भूपेंद्र सिंह रावत, अनीता दहायत, सूर्यभान सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, तेजलाल बैगा, रुबीना अंसारी, सतेंद्र सिंह रजावत सहित वाहन चालक दीपक बर्मन, नागेश्वर सिंह और ओम प्रकाश सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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