सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर के तिहरे हत्याकांड मामले म

तिहरे हत्याकांड मामले में पूर्व एनएससीएन-आईएम कार्यकर्ता की आजीवन कारावास की सजा निलंबित

Former NSCN-IM activist's life sentence suspended in triple murder case

नई दिल्ली (भारत)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर में 2009 में तीन सरकारी अधिकारियों के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए एनएससीएन-आईएम के पूर्व स्वयंभू लेफ्टिनेंट कर्नल होपसन निंगशेन की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर दिया। कोर्ट ने सजा में 17 साल से अधिक की कैद का हवाला दिया। जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की बेंच ने सशर्त सजा निलंबित करते हुए निर्देश दिया कि निंगशेन अपनी अपील के निपटारे तक दिल्ली में ही रहें और राष्ट्रीय राजधानी न छोड़ें।

मणिपुर सरकार ने किया याचिका का विरोध

मणिपुर सरकार ने मामले की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए याचिका का विरोध किया, जबकि केंद्र ने कहा कि यदि अदालत सजा निलंबित करने का फैसला करती है, तो पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं। बेंच ने कहा कि उसने कई मौकों पर मामले की संवेदनशीलता पर विचार किया है, लेकिन अब वह ऐसे मामले से निपट रही है जिसमें अपीलकर्ता 17 साल से अधिक समय से कैद में है और उसकी अपील अभी भी लंबित है। निंगशेन को कसम खुल्लेन एसडीओ थिंगनाम किशन सिंह और उनके दो अधीनस्थ अधिकारियों, युमनाम टोकन और अरिबाम राजेन के अपहरण और हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था।

2010 में मामलों को मणिपुर से दिल्ली स्थानांतरित

सीबीआई द्वारा सांप्रदायिक तनाव और निंगशेन पर शारीरिक हमले की आशंका के मद्देनजर, सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में इन मामलों को मणिपुर से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया था। एक विशेष सीबीआई अदालत ने 2014 में निंगशेन को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नवंबर 2019 में उनकी दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा। उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उनकी अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। (इनपुट: ANI)

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