अमेठी में पुलिस मुठभेड़, कथित गोकशी की योजना बना रहे चार आरोपी गिरफ्तार
अमेठी,(उत्तर प्रदेश)। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत जामो थाना पुलिस और स्वाट टीम ने सोमवार तड़के कथित गोकशी की योजना बना रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि तीन अन्य को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग
पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी गौरीगंज अखिलेश वर्मा के नेतृत्व में जामो पुलिस और स्वाट टीम संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम पूरे दृगपाल के पास कुछ लोग गोवंशीय पशुओं को बांधकर गोकशी की तैयारी कर रहे हैं।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की
सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, घिरने पर एक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मो. मोसिन (22) निवासी इमामगंज, थाना बंधुआकला, जनपद सुल्तानपुर के पैर में गोली लगी। उसके पास से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
फरार आरोपी राजेश गोवंशीय पशुओं को करता था एकत्र
मौके से पुलिस ने मो. मोनू उर्फ असरफ (20), मो. आमिर (20) तथा राम हृदय (58) को भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से दो चाकू, लकड़ी का ठीहा, पेंचकश, तीन रस्सियां, पांच प्लास्टिक के बोरे, काली तिरपाल और एक टॉर्च बरामद की है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया, कि फरार आरोपी राजेश गोवंशीय पशुओं को एकत्र करता था और उन्हें गोकशी के लिए बुलाता था। आरोप है, कि गोकशी के बाद मांस को आसपास के जिलों में बेचा जाता था, जबकि बड़े गोवंशीय पशुओं को बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड तक भेजा जाता था।
मो. मोसिन पर पहले से चार मुकदमे दर्ज
पुलिस ने बताया कि घायल आरोपी मो. मोसिन सुल्तानपुर जिले के बंधुआकला थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट तथा अन्य धाराओं में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में थाना जामो में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को ₹20,000 के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
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