कोलकाता में महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा, राज्य निवास प्रमाण अनिवार्य
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सभी सरकारी बसों में महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। लेकिन दूसरे राज्य की महिलाओं को किराया देकर यात्रा करनी पडेगी। मुफ्त यात्रा करने वाली महिला यात्रियो को इस राज्य की स्थाई निवाली होने का प्रमाण साथ रखना होगा और उनके टिकट पर शून्य दर्ज होगा। यात्रा के दौरान उनकी कोई उपेक्षा न हो या किसी तरह का दुर्व्यवहार न हो, इसके लिए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को सख्त हिदायद दी जाएगी।
अन्नपूर्णा योजना और नई पहल
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सत्ता संभालते ही महिलाओं को पिछली सरकार की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना में ज्यादा सहूलियत मुहैया कराने की रणनीति के तहत बंद अन्नपूर्णा योजना चालू कर दी गई और इसके तहत जून से हर महीने महिलाओं को तीन-तीन हजार रुपए सीधे उनके बैंक खाते मे पहुंचाने का निर्णय लिया। उसके बाद उन्हें सभी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा देने का निर्णय लिया।
निवास प्रमाण और टिकट व्यवस्था
नबान्नो सूत्रों के अनुसार सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाओं को साथ में ऐसा प्रमाण पत्र रखना होगा जिससे यह साबित हो कि वे पश्चिम बंगाल की स्थाई रहने वाली हैं। उनके वोटर कार्ड या आधार कार्ड या कोई सरकारी परिचय पत्र रखना होगा। उन्हें भङी टिकट लेना होगा जिस पर भाड़े की जगह शून्य लिखा होगा।
सुरक्षा और व्यवहार से जुड़े निर्देश
महिलाएं मुफ्त में यात्रा करेंगी, इसलिए उनकी उपेक्षा न हो या कोई दुर्व्यवहार न हो, इसका भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी बस के ड्राइवर और कंडक्टर की होगी।
बसों की संख्या और भविष्य की योजना
सूत्रों क कहना है कि राज्य में चलने वाली सरकारी बसों संख्या करीब 23 सौ है। यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसें पर्याप्त संखया में नहीं है। सरकार इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना बना रही है।
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