रामनगर तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़कर

रामनगर में घाघरा नदी फिर उफान पर, खतरे के निशान से 2 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर

Ghaghra River Water Level Rises Above Danger Mark in Ramnagar

बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)। रामनगर तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। मंगलवार सुबह केंद्रीय जल आयोग एल्गिन ब्रिज के कर्मचारी पवन कुमार की रिपोर्ट के अनुसार सुबह 10 बजे नदी का जलस्तर 106.090 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के लाल निशान 106.070 मीटर से दो सेंटीमीटर ऊपर है। नदी के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से तराई क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है।

शारदा और गिरजा बैराज से छोड़ा जा रहा पानी

बताया जा रहा है, कि शारदा और गिरजा बैराज से छोड़े जा रहे पानी के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर घाघरा नदी के जलस्तर पर पड़ा है। नदी इस समय उफान पर है। बीते दिनों जलस्तर काफी कम हो गया था और नदी चेतावनी स्तर के आसपास बह रही थी, लेकिन मंगलवार सुबह अचानक पानी बढ़ने से नदी खतरे के निशान को पार कर गई।

घाघरा नदी में बाढ़ आने से दर्जनों गांव प्रभावित

यदि जलस्तर में इसी तरह लगातार वृद्धि होती रही तो नदी का पानी तराई क्षेत्र के गांवों और किसानों के खेतों तक पहुंच सकता है। घाघरा नदी में बाढ़ आने पर तपेशिपाह, सुंदरनगर, लहड़रा समेत आसपास के दर्जनों गांव प्रभावित होते हैं। इन क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने के साथ ही ग्रामीणों के आवागमन और पशुओं के लिए भी परेशानी खड़ी हो जाती है।

नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद तहसील प्रशासन सतर्क

नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना के बाद तहसील प्रशासन भी सतर्क हो गया है। उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता राजस्व कर्मियों के साथ बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और तराई क्षेत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को भी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

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