गाजियाबाद की वसुंधरा चौकी पर हुए धमाके की जिम्मेदा

गाजियाबाद धमाका: वसुंधरा पुलिस चौकी ब्लास्ट में ‘तहरीक-ए-मुजाहिदीन’ के दावे की जांच में जुटीं एजेंसियां

Ghaziabad Police Commissioner J Ravinder Goud

गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)। गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित वसुंधरा पुलिस चौकी पर हुए धमाके के मामले में सुरक्षा एजेंसियां और उत्तर प्रदेश पुलिस सक्रिय हो गई हैं। सोशल मीडिया पर 'तहरीक-ए-मुजाहिदीन' नाम के एक संगठन के जरिए इस धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालांकि, शुरुआती जांच में एजेंसियों को इस नाम के किसी भी संगठित समूह की पहचान नहीं मिल पाई है। अधिकारियों का मानना है कि यह दावा भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को गुमराह करने और उनका ध्यान भटकाने के लिए रचा गया एक षड्यंत्र हो सकता है।

आईएसआई के एंगल से जांच

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अतीत में भी इस तरह के फर्जी और भ्रामक सोशल मीडिया दावों का इस्तेमाल करके भ्रम पैदा करने की कोशिश करती रही है। इसी पैटर्न को ध्यान में रखते हुए जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या यह नया दावा भी एजेंसियों का ध्यान भटकाने की किसी गहरी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता और इसके पीछे छिपे चेहरों की पहचान की तकनीकी रूप से पुष्टि की जा रही है।

संदिग्ध वाहन और घटनास्थल की स्थिति

इस बीच, गाजियाबाद पुलिस को एलिवेटेड रोड के पास एक संदिग्ध दोपहिया वाहन भी खड़ा मिला है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है और इसकी गहन जांच की जा रही है। यह पूरी घटना 6 नवंबर की रात करीब 9 बजे वसुंधरा पुलिस चौकी पर हुई थी, जिसके धमाके से पुलिस चौकी की दो खिड़कियों के कांच टूट गए थे। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। हालांकि, घटनास्थल से किसी भी तरह का विस्फोटक सामग्री, बारूद या उसके अवशेष बरामद नहीं हुए हैं।

पुलिस कमिश्नर का बयान

गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जब चौकी की पिछली दीवार के पास यह धमाका हुआ, उस वक्त वहां एक सब-इंस्पेक्टर और एक डिलीवरी वर्कर मौजूद थे। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "कल रात करीब 9:00 बजे, हमें इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाली वसुंधरा पुलिस चौकी की पिछली दीवार के पास एक धमाके की सूचना मिली। उस समय, मौके पर एक सब-इंस्पेक्टर और एक डिलीवरी बॉय मौजूद थे... इसके बाद जांच शुरू की गई और घटनास्थल से सभी उपलब्ध सबूत इकट्ठा कर लिए गए हैं। हमारा बम निरोधक दस्ता, फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम अभी भी मौके से सबूत जुटा रही है। जांच में अभी तक धमाके के कारण का पता नहीं चल पाया है। हम इस घटना की हर संभव पहलू से जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि धमाका कैसे हुआ। डिलीवरी के लिए आए एक डिलीवरी बॉय को मामूली चोटें आई हैं।"

एटीएस और अन्य एजेंसियों की एंट्री

जब पुलिस कमिश्नर से एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) और अन्य खुफिया एजेंसियों की भागीदारी के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का दायरा व्यापक रखा गया है। उन्होंने आगे कहा, "जांच के दौरान बाकी सभी पहलुओं को भी देखा जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस समेत कई एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं। हम गहन जांच कर रहे हैं और जैसे-जैसे कोई जानकारी सामने आएगी, हम आपको उसके बारे में बताएंगे।" (इनपुट: ANI)

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