गोंडा के खरगूपुर क्षेत्र में आनंद मिश्रा को गोली म

गोंडा गोलीकांड: आनंद मिश्रा पर फायरिंग के मामले में चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, गिरफ्तारी अब भी बाकी

Gonda Firing Case: Bail Pleas of Four Accused Rejected, Arrests Pending

गोण्डा (उत्तर प्रदेश)। खरगूपुर थाना क्षेत्र के जानकीनगर के पास 25 अगस्त 2026 को आनंद मिश्रा को गोली मारने के मामले में वांछित चार आरोपियों को सत्र न्यायालय से राहत नहीं मिल सकी। आरोपी लालता प्रसाद, रोहित, अंकुर और अंकित पांडेय की ओर से दाखिल जमानत याचिकाओं को सत्र न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह की अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है।

वादी पक्ष ने किया जमानत का विरोध

मामले की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता रवि तिवारी ने अपनी दलीलें पेश करते हुए आरोपियों की जमानत का विरोध किया। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी विचार किया गया। दोनों पक्षों की ओर से रखे गए तथ्यों और उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं। इस फैसले के बाद आरोपियों को फिलहाल सत्र न्यायालय से जमानत के रूप में राहत नहीं मिल सकी है।

पुलिस की दबिश के बावजूद चारों आरोपी गिरफ्त से बाहर

बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही मामले में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से संभावित ठिकानों पर दबिश दिए जाने के बावजूद खबर लिखे जाने तक चारों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। ऐसे में आरोपियों की तलाश और उनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई है। न्यायालय से जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी लोगों की नजर है।

गोलीकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर

गोलीकांड से जुड़े इस मामले में अब पुलिस की अगली कार्रवाई को लेकर चर्चा हो रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण मामले का घटनाक्रम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस की ओर से किसी नई आधिकारिक जानकारी की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में गिरफ्तारी को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।

जमानत खारिज होने के बाद फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती

फिलहाल, सत्र न्यायालय द्वारा चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद पुलिस के सामने फरार आरोपियों को पकड़ने की चुनौती बनी हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस वांछित आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है और मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।

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