राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री खुदीराम टुडू की नजर

अवैध मदरसों पर सख्त हुई सरकार, बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी

Closure of Unrecognized Schools

कोलकाता। राज्य के आदिवासी कल्याण मंत्री खुदीराम टुडू की नजर अब उन मदरसों पर है जिन्हें सरकार की मान्यता नहीं मिली है। भाजपा की नई सरकार ऐसे मदरसों को अवैध मानते हुए उन्हें बंद करने की तैयारी में है।

अवैध मदरसों को बंद करने का आदेश

टुडू ने मदरसा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अवैध मदरसों को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि इन्हें दोबारा खोलने की कोशिश हुई तो उत्तर प्रदेश की तरह बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि केवल पुराने और मान्यता प्राप्त मदरसों को ही जारी रखा जाएगा। कई जिलों में बिना सरकारी मंजूरी के मदरसे चल रहे हैं, जिन पर अब कार्रवाई की तैयारी है।

मंत्री ने संभाला अल्पसंख्यक और मदरसा विभाग

खुदीराम टुडू के पास आदिवासी कल्याण विभाग के साथ अल्पसंख्यक व मदरसा शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी है। वे बांकुड़ा जिले के रानीबांध विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और पहले बर्धमान रानीपीठ हाई स्कूल में बांग्ला विषय के शिक्षक रह चुके हैं।

विभागों में गड़बड़ी का दावा

बर्धमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि जिन विभागों की जिम्मेदारी उन्हें मिली है, उनमें काफी गड़बड़ियां हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी अनियमितताओं को दूर करेगी।

पिछड़ा वर्ग सर्टिफिकेट की होगी जांच

टुडू ने कहा कि वर्ष 2011 से जारी पिछड़ा वर्ग के सर्टिफिकेट की दोबारा जांच कराई जाएगी। उनका आरोप है कि फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए बड़ी संख्या में लोगों ने सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। मंत्री ने साफ कहा कि फर्जी सर्टिफिकेट लेने वालों के साथ-साथ उन्हें जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

गौरतलब है कि पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में मामला चल चुका है। हाई कोर्ट ने जारी सभी सर्टिफिकेट रद्द करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने बाद में अपनी अपील वापस ले ली।

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