मध्यप्रदेश में अलग-अलग जिलों के गंभीर और घिनौने अप

सतना सेंट्रल जेल के 5 कैदियों की जमानत मंजूर, परिजनों ने बेल बॉन्ड भरने से किया इनकार

Granted Bail, Yet Behind Bars: Families Refuse Bail Bonds in Satna Jail

सतना। एक सजा ऐसी भी। शासन कर्म के अनुसार सजा देता है, पर यह परिजन को कभी-कभी स्वीकार नहीं होता है। इसी तरह की घटना सतना सेंट्रल जेल में सामने आई है। यह मामला चौंकाता भी है। जानकारी के अनुसार अलग-अलग जिलों के गंभीर और घिनौने अपराधों में सजा काट रहे पांच कैदियों को न्यायालय से जमानत मिल गई, पर वे जेल की सलाखों के पीछे ही रहने को मजबूर हैं। क्योंकि उनके परिजन बेल बॉन्ड भरने को तैयार नहीं हैं।

अपराध इतने गंभीर कि दोबारा स्वीकार नहीं कर सकते

जानकारी के मुताबिक, इन कैदियों पर हत्या, दुष्कर्म, गंभीर मारपीट और अन्य संगीन अपराधों के मामले दर्ज हैं। न्यायालय द्वारा जमानत के बाद जब परिजनों को इसकी सूचना दी गई, तो उन्होंने बेल बॉन्ड भरने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि कैदियों के अपराध इतने गंभीर हैं कि वे उन्हें समाज में दोबारा स्वीकार नहीं कर सकते।

जमानत आदेश कागजों तक रह जाता है सीमित

जेल प्रशासन के अनुसार, यह स्थिति असामान्य जरूर है, लेकिन पहली बार नहीं है। कई मामलों में परिजन सामाजिक बदनामी, पीड़ित पक्ष के डर और आर्थिक कारणों से भी बेल बॉन्ड नहीं भरते। कुछ मामलों में परिवार खुद आरोपी से संबंध तोड़ चुका है। जेल अधिकारियों का कहना है कि कानूनी रूप से जमानत मिलने के बावजूद जब तक बेल बॉन्ड जमा नहीं होता, तब तक कैदियों को रिहा नहीं किया जा सकता। ऐसे में जमानत आदेश महज कागजों तक सीमित रह जाता है।

समाज की अपराध के प्रति नजरिये को दर्शाती है

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति समाज में अपराध के प्रति बदलते नजरिये को दर्शाती है, जहां परिवार भी गंभीर अपराधों में लिप्त अपने ही सदस्य से दूरी बना रहा है। संबंधित कैदी सतना सेंट्रल जेल में ही बंद हैं और प्रशासन नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रहा है।

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