राजकोट के रंजीत विलास पैलेस में क्षत्रिय महिलाओं न

गुजरात में नवरात्रि की धूम: राजकोट में जीप-बाइक पर राजपूत महिलाओं का 'तलवार रास', विदेशी राजदूत भी हुए मुरीद

Kshatriya Rajput Women

राजकोट (गुजरात)। गुजरात में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति, साहस और सांस्कृतिक विरासत का अभूतपूर्व संगम देखने को मिल रहा है। उत्सव के दूसरे दिन राजकोट स्थित ऐतिहासिक रंजीत विलास पैलेस में क्षत्रिय राजपूत महिलाओं ने पारंपरिक 'तलवार रास' का प्रदर्शन कर हर किसी को आश्चर्यचकित कर दिया। चलती बाइक और जीप पर सवार होकर महिलाओं ने जिस तरह तलवारबाजी के हैरतअंगेज हुनर का प्रदर्शन किया, उसने न केवल देवी दुर्गा की उपासना में नारी शक्ति और साहस का नया अध्याय लिखा, बल्कि वहां मौजूद दर्शकों में अपार उत्साह भर दिया।

जीप और बाइक पर क्षत्रिय महिलाओं का 'तलवार रास'

रंजीत विलास पैलेस के प्रांगण में आयोजित इस पारंपरिक आयोजन में महिलाओं ने बेहद सधे हुए अंदाज और लयबद्ध तालमेल के साथ तलवारें घुमाईं। जीप और मोटरसाइकिलों पर सवार होकर किए गए इस साहसिक प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य देवी दुर्गा के शक्ति स्वरूप की आराधना और सांस्कृतिक गौरव को जीवंत रखना था। सिंक्रोनाइज्ड फॉर्मेशन और ढोल-नगाड़ों की थाप पर हुए इस प्रदर्शन ने पूरे परिसर को भक्ति और ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

गुजरात उत्सव में पहुंचे 5 देशों के विदेशी राजदूत

गुजरात की इस सांस्कृतिक विविधता और गरबा के आकर्षण से अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञ भी अछूते नहीं रहे। रविवार को फिलिस्तीन, सर्बिया, यूक्रेन, इरिट्रिया और थाईलैंड सहित कई देशों के राजदूतों और राजनयिकों ने गुजरात में नवरात्रि महोत्सव में शिरकत की। विदेशी अतिथियों ने राज्य की सांस्कृतिक जीवंतता, लोगों के असीम उत्साह और वैश्विक स्तर पर जन-से-जन के संबंधों (People-to-People ties) को मजबूत करने में इस त्योहार की भूमिका की जमकर सराहना की।

"भारत की विविधता का अनुभव अद्भुत": सर्बियाई राजदूत

अहमदाबाद में आयोजित नवरात्रि उत्सव के दौरान भारत में सर्बिया के राजदूत सिनिसा पाविक (Sinisa Pavic) ने युवाओं के जोश और भागीदारी की विशेष रूप से प्रशंसा की। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत करते हुए सर्बियाई राजदूत ने कहा, "मैं इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले युवाओं के अपार उत्साह से बेहद प्रभावित हूं। दुनिया भर के राजनयिक प्रतिनिधियों के लिए भारत आना और इसे अनुभव करना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत अपनी विविधता में अत्यधिक समृद्ध है।"

'वाइब्रेंट नवरात्रि' से गरबा को मिली वैश्विक पहचान: CM भूपेंद्र पटेल

दूसरी तरफ, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित 'वाइब्रेंट नवरात्रि फेस्टिवल 2026' का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा केवल एक लोक नृत्य नहीं, बल्कि गुजरात की सांस्कृतिक विरासत और जन-आस्था का अभिन्न अंग है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रेखांकित करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'वाइब्रेंट नवरात्रि फेस्टिवल' के माध्यम से आज हमारे गरबा को विश्व स्तर पर एक नई पहचान मिली है। ठीक उसी तरह, जैसे 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट' ने राज्य के व्यापार, उद्योग और उद्यमशीलता को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया है।"

शारदीय नवरात्रि: भक्ति, अनुष्ठान और परंपरा का पर्व

उल्लेखनीय है कि शारदीय नवरात्रि नौ रातों तक चलने वाला एक पावन हिंदू पर्व है, जो शक्ति की देवी मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की नवधा भक्ति को समर्पित है। इन नौ दिनों के दौरान राज्य भर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान, महाआरती, भक्ति संगीत के साथ-साथ पारंपरिक गरबा और डांडिया रास का आयोजन किया जाता है, जो राज्य की समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने पेश करता है। ​(इनपुट: ANI)

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